टीकमगढ़, राष्ट्रबाण: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटिक के सरकारी बंगले के पास सिविल लाइंस क्षेत्र में 42 वोटर पहचान पत्र कचरे में पाए गए। इनमें से कई कार्ड आंशिक रूप से जले हुए थे, जिसने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को सतर्क कर दिया। यह घटना बिहार में मतदाता सूची संशोधन (SIR) के विवाद के बीच सामने आई, जिससे सियासी हलचल मच गई। जिला कलेक्टर विवेक क्षोत्रिय ने मामले की गहन जाँच के आदेश दिए, और तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर ने कार्ड्स को जब्त कर स्थानीय चुनाव आयोग कार्यालय में जमा कराया।
कैसे हुआ खुलासा
मंगलवार देर रात कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष और वीरेंद्र कुमार के सहयोगी विवेक चतुर्वेदी ने सिविल लाइंस रोड पर कचरे में बिखरे वोटर ID कार्ड देखे। उन्होंने तुरंत तहसीलदार को सूचित किया। गुर्जर और पटवारी की टीम ने मौके पर पहुँचकर 42 कार्ड बरामद किए, जो 2011-12 के थे। पास की दुकान के CCTV फुटेज में एक महिला, जो CMHO कार्यालय के सरकारी क्वार्टर में रहती है, को कचरे के साथ ये कार्ड फेंकते देखा गया। महिला की पहचान संतोष अंबेडकर के रूप में हुई, जो वहाँ क्लर्क है। कलेक्टर ने कहा कि प्रारंभिक जाँच में साजिश के संकेत नहीं मिले, लेकिन यह पता लगाया जा रहा है कि कार्ड्स वहाँ कैसे पहुँचे।
जाँच का दायरा
जाँच में फोकस इस बात पर है कि पुराने (2011-12) कार्ड्स अब तक कहाँ थे और इन्हें क्यों जला गया। अधिकारियों को शक है कि यह लापरवाही का मामला हो सकता है, लेकिन जलाए जाने से नष्ट करने की मंशा की आशंका भी है। कार्ड्स का उपयोग सरकारी योजनाओं में दुरुपयोग या मतदाता सूची में हेरफेर के लिए तो नहीं हुआ, इसकी भी पड़ताल हो रही है। चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग से कार्ड्स की वैधता और उनके उपयोग की जाँच की माँग की।
सियासी तनाव
कांग्रेस ने इस घटना को मतदाता सूची में हेरफेर से जोड़ा, खासकर 2018 में मध्य प्रदेश में 6 मिलियन “फर्जी” मतदाताओं की शिकायत का हवाला देते हुए। पार्टी ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया। BJP ने जवाब में इसे विपक्ष की साजिश बताया, क्योंकि वीरेंद्र कुमार दिल्ली में मॉनसून सत्र में थे। चतुर्वेदी ने दावा किया कि यह मंत्री को बदनाम करने की कोशिश है।
वीरेंद्र कुमार का प्रोफाइल
71 वर्षीय वीरेंद्र कुमार, टीकमगढ़ से सात बार के BJP सांसद और 2019 से केंद्रीय मंत्री, दलित समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं। अर्थशास्त्र में MA और बाल श्रम पर PhD धारक, उनकी छवि इस घटना से प्रभावित हुई, हालाँकि BJP ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
Read also: रीवा में बाइकर्स गैंग का आतंक पूर्व CM की भतीजी समेत 4 महिलाओं से लूटपाट, पुलिस तलाश में जुटी