बैतूल, राष्ट्रबाण। बैतूल जिले के मरामझीरी गांव के पास प्रथम बोबदापुल क्षेत्र में घने जंगल में एक गंभीर रूप से घायल गाय नाली में फंसी मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गाय की जान बचाई, जिसे लेकर पुलिस अधीक्षक ने इन सभी को सम्मानित करने की घोषणा की है।
डायल-100 पर मिली सूचना, मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी
घटना की जानकारी तब मिली जब एक जागरूक यात्री ने ट्रेन से यात्रा के दौरान घायल गाय को देखा और डायल-100 पर इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली बैतूल के आरक्षक सूर्यकांत बरखाने (607) एवं पायलट नीलेश राठौर तुरंत मौके की ओर रवाना हुए।
जंगल में 4 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे जवान
घटनास्थल तक का रास्ता बेहद कच्चा और दुर्गम था, जिसे पार करने के लिए पुलिसकर्मियों को 4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
घायल गाय एक नाली में बुरी तरह फंसी हुई थी और आसपास से कोई स्थानीय मदद भी नहीं मिल रही थी।
राष्ट्रीय हिंदू सेना से लिया सहयोग
लगातार 4 घंटे तक प्रयास करने के बाद पुलिसकर्मियों ने राष्ट्रीय हिंदू सेना से संपर्क किया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। दीपक मालवीय (प्रदेश अध्यक्ष), पवन मालवीय (प्रदेश संयोजक), बिट्टू गोयल, नंदू पंवार, अन्ना चौहान, आयुष अग्रवाल इन सभी ने मिलकर रस्सियों और बांस-बल्लियों की मदद से गाय को सुरक्षित बाहर निकाला।
गाय को गौशाला पहुँचाया गया
घायल गाय को करीब 1 किलोमीटर कच्चे रास्ते और रेलवे ट्रैक किनारे से होते हुए मुख्य सड़क तक लाया गया और वहां से ट्रैक्टर के माध्यम से मरामझीरी स्थित गौशाला पहुँचाया गया। वहाँ उसका उपचार जारी है।
एसपी करेंगे सम्मानित
बैतूल पुलिस अधीक्षक निश्चल एन. झारिया ने इस संवेदनशील और साहसिक कार्य के लिए पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की है और घोषणा की है। “सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।”
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