ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025: भारत की डिजिटल क्रांति ने जहाँ यूपीआई और 5G जैसी उपलब्धियाँ दीं, वहीं ऑनलाइन गेमिंग की अंधेरी दुनिया ने नई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। फैंटेसी लीग, पोकर, रमी और सट्टेबाजी जैसे रियल मनी गेम्स पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पेश किया। यह विधेयक सट्टेबाजी को अपराध की श्रेणी में लाएगा, लेकिन ई-स्पोर्ट्स और स्किल-बेस्ड गेम्स को बढ़ावा देगा।
बिल के प्रमुख प्रावधान
यह विधेयक रियल मनी गेम्स को पूरी तरह प्रतिबंधित करता है। फैंटेसी लीग, ऑनलाइन लॉटरी, और कार्ड गेम्स जैसे प्लेटफॉर्म्स के संचालन, विज्ञापन और वित्तीय लेन-देन पर रोक लगेगी। बैंकों को ऐसे गेम्स के लिए फंड ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने वालों को 3 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना हो सकता है, जबकि विज्ञापन करने वालों को 2 साल की सजा और 50 लाख रुपये जुर्माना। बार-बार अपराध पर 5 साल की जेल और 2 करोड़ रुपये तक का दंड प्रस्तावित है।
बिल एक राष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी स्थापित करेगा, जो गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की निगरानी और रजिस्ट्रेशन करेगी। साथ ही, यह ई-स्पोर्ट्स को वैध खेल का दर्जा देगा, जिसमें प्रशिक्षण, नीति समर्थन और इवेंट्स को बढ़ावा मिलेगा। लूडो, कैंडी क्रश जैसे सोशल और शैक्षिक गेम्स को भी मंजूरी दी जाएगी।
क्यों जरूरी है यह बिल?
सरकार का कहना है कि रियल मनी गेम्स से युवाओं में लत, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कुछ मामलों में आत्महत्या तक की नौबत आई है। ये प्लेटफॉर्म मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग का जरिया भी बने हैं। बिल का मकसद परिवारों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचाना, ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना और भारत को गेमिंग टेक का वैश्विक हब बनाना है।
विपक्ष और उद्योग की चिंता
विपक्षी दलों, जैसे कांग्रेस के कार्ति चिदंबरम, ने बिल को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया, जिससे 2 लाख नौकरियाँ और 20,000 करोड़ रुपये का कर राजस्व खतरे में पड़ सकता है। ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन और ड्रीम11 जैसे प्लेटफॉर्म्स ने इसे उद्योग के लिए “मौत का फरमान” करार दिया। उनका कहना है कि यह बैन अवैध गेमिंग को बढ़ावा दे सकता है।
सियासी हंगामा
लोकसभा में बिल पेश होते ही विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची संशोधन को लेकर हंगामा किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बच्चे भी अब इन गेम्स की लत के शिकार हो रहे हैं। बिल को JPC में भेजे जाने की संभावना है।
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