भोपाल, राष्ट्रबाण: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार की अवैध संपत्तियों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई तेज हो गई है। गुरुवार को कोकता हथाईखेड़ा में परिवार की 22 करोड़ रुपये की तीन मंजिला आलीशान कोठी को भारी सुरक्षा के बीच ध्वस्त कर दिया गया। यह परिवार ड्रग तस्करी, ‘लव जिहाद’, यौन शोषण, और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। इससे पहले 30 जुलाई को परिवार की 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियाँ, जैसे फार्महाउस, वेयरहाउस, और मदरसा, तोड़ी गई थीं।
मछली परिवार का आपराधिक इतिहास
मछली परिवार, विशेष रूप से यासीन अहमद (उर्फ मछली) और उनके चाचा शाहवर अहमद, लंबे समय से भोपाल के आनंदपुरा कोकता क्षेत्र में अपराध का पर्याय रहे हैं। 23 जुलाई 2025 को भोपाल क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 3 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक देशी पिस्टल, और लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, परिवार राजस्थान से सड़क मार्ग के जरिए ड्रग्स लाता था और भोपाल के पब-लाउंज में फिक्स्ड कस्टमर्स को सप्लाई करता था। परिवार पर 300 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का भी आरोप है, जिसमें से 100 एकड़ मुक्त कराई जा चुकी है।
पीड़ितों की आपबीती
हथाईखेड़ा फार्महाउस में पुलिस को एक अवैध राइफल और सैन्य गोला-बारूद का संदिग्ध डिब्बा मिला, जिसकी फोरेंसिक जाँच चल रही है। एक पीड़ित, रेलवे कर्मचारी राजेश तिवारी, ने बताया कि शारिक मछली ने उन्हें हथाईखेड़ा में 16 घंटे बंधक बनाकर पीटा और 50,000 रुपये की उगाही की। तिवारी की शिकायत अशोका गार्डन थाने में दर्ज है, लेकिन FIR में देरी की शिकायत है। स्थानीय लोग परिवार के आतंक से त्रस्त थे, और एक पीड़ित ने कहा, “मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हमें न्याय दिलाया।”
मोहन यादव का सख्त रुख
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ड्रग माफिया और ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। रक्षाबंधन महोत्सव में उन्होंने कहा, “महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वालों, ड्रग माफिया और ‘लव जिहादियों’ को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों को एक-एक कर ठिकाने लगाएँगे।” उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में लड़कियों की काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू करने का भी निर्देश दिया। यह कार्रवाई उनकी सरकार की अपराध के खिलाफ सख्त नीति का हिस्सा है, जिसमें पहले भी BJP कार्यकर्ता पर हमले के आरोपियों के घर तोड़े गए थे।
विवाद और कानूनी चुनौती
शारिक मछली के वकील ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि बिना नोटिस के कार्रवाई हुई और जमीन सरकारी नहीं है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और दिग्विजय सिंह ने बुलडोजर कार्रवाइयों को अल्पसंख्यकों के खिलाफ “असंवैधानिक” और “अमानवीय” बताया, जिससे सियासी विवाद बढ़ा है
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