रीवा, राष्ट्रबाण: मध्य प्रदेश के रीवा शहर में बाइकर्स गैंग ने एक ही दिन में चार महिलाओं को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम दिया। इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह (1967-1969) की भतीजी और सीधी नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष कुमुदिनी सिंह भी शामिल हैं। बदमाशों ने पर्स, नकदी, आभूषण, और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए लुटेरों की तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
लूट की चार घटनाएँ
- सिविल लाइंस, एजी कॉलेज: पहली घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ पल्सर बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने कुमुदिनी सिंह का पर्स छीना। कुमुदिनी ने बताया कि वह मथुरा से लौट रही थीं और रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो में थीं, तभी बदमाशों ने पर्स लूट लिया, जिसमें नकदी और कीमती सामान था। उसी क्षेत्र में एक अन्य महिला से भी लाखों की ज्वेलरी और मोबाइल लूटा गया।
- एजी कॉलेज तिराहा: दूसरी घटना में अंजली द्विवेदी स्कूटी से जबलपुर इंटरसिटी ट्रेन पकड़ने जा रही थीं। नकाबपोश बदमाशों ने उनका पर्स छीना, जिसमें करीब डेढ़ लाख रुपये की सोने की ज्वेलरी थी।
- कॉलेज चौराहा: तीसरी घटना में लुटेरे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए और भाग गए।
- रायपुर कर्चुलियान, कोष्टा: चौथी घटना में प्रमोद पटेल अपनी पत्नी सुलेखा के साथ बाइक से मनगवां जा रहे थे। दो बदमाशों ने सुलेखा का बैग छीना, जिसमें 2,000 रुपये, मोबाइल, और एटीएम कार्ड थे। छीना-झपटी में सुलेखा बाइक से गिरकर घायल हो गईं और उन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई
सिविल लाइंस थाना प्रभारी राजकुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर बाइकर्स गैंग की तलाश कर रही है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली। रीवा में बाइकर्स गैंग की सक्रियता पहले भी देखी गई है, जैसे 2022 में 82 चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाली गैंग को पकड़ा गया था। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, खासकर जब पूर्व CM की भतीजी जैसी VIP भी सुरक्षित नहीं हैं।
गोविंद नारायण सिंह का परिवार
कुमुदिनी सिंह पूर्व CM गोविंद नारायण सिंह की भतीजी हैं, जिनके बेटे हर्ष सिंह पूर्व मंत्री और ध्रुव नारायण सिंह भोपाल मध्य से BJP विधायक रह चुके हैं। गोविंद नारायण सिंह 1967-1969 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उनकी राजनीतिक विरासत आज भी रीवा में प्रभावशाली है, जिससे इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
सामाजिक और सियासी प्रतिक्रिया
लोगों ने रीवा की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “VIP की सुरक्षा की गारंटी नहीं, तो आम जनता का क्या होगा? सरकार ने ‘चोरों का साथ, सबका विनाश’ का नारा अपना लिया है।” विपक्षी नेताओं ने इसे शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव सरकार की नाकामी बताया, जबकि BJP ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई का दावा किया।
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