मुंबई, 27 अप्रैल: महाराष्ट्र सरकार ने आगामी एल नीनो की संभावित प्रभावों को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन पर विशेष बल दिया है।
एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जो पश्चिमी तटों पर समुद्र के तापमान में बदलाव लाती है। इससे पर्यावरणीय असंतुलन के साथ साथ मानसून के पैटर्न में भी बदलाव हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार एल नीनो की वजह से महाराष्ट्र की खेती, जलस्तर और सामान्य जलोपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री ने बताया कि सरकार ने जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर बढ़ाने तथा नदियों के संरक्षण की लंबी योजना बनाई है। विशेष कमेटी की स्थापना कर अनियमित जल उपभोग पर भी नियंत्रण रखा जाएगा। फडणवीस ने कहा कि राज्य के किसानों को समय पर जल उपलब्ध कराना और सिचाई के बेहतर विकल्प अपनाना जरूरी है ताकि आने वाले संकट से बचा जा सके।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे जल प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियानों को भी तेज करें। बदलाव के अनुरूप बारिश का समय कम या असामान्य होने पर तुरंत बचावात्मक कार्रवाइयां की जाएंगी।
विशेषज्ञ समिति के सदस्य डॉ. अजय मल्होत्रा ने कहा कि एल नीनो के कारण आने वाले मानसून में अनिश्चितता बढ़ सकती है, इसलिए पूर्वानुमान पर लगातार निगरानी आवश्यक होगी। साथ ही, जल संरक्षण के उद्देश्य से वर्षा जल संचयन योजना को प्रत्येक ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बढ़ावा देना अनिवार्य है।
इस बीच, किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों के लिए बेहतर जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाने और सूखे के प्रकोप से बचने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। लगातार जल संकट से निपटने के लिए ये कदम आवश्यक माने जा रहे हैं।
महाराष्ट्र राज्य में जल संकट और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम भविष्य में आने वाले प्राकृतिक संकटों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करेंगे। यह स्पष्ट है कि एल नीनो की स्थिति में जल प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। राज्य सरकार ने पूरे राज्य में सक्रिय और प्रभावी जल प्रबंधन को लागू करने के लिए विभागीय कर्मियों को आदेश भी जारी किए हैं।
सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। आगामी महीनों में मौसम विभाग की ओर से जारी किये जाने वाले निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि अनावश्यक जल संकट से बचा जा सके।
इस प्रकार, महाराष्ट्र सरकार ने एल नीनो के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है जिसमें जल प्रबंधन, किसान सहायता और सार्वजनिक जागरूकता शामिल है। फडणवीस सहित सभी प्रमुख अधिकारियों ने इस संकट से निपटने के लिए एकजुट होकर कार्य करने को कहा है।

