हैदराबाद, तेलंगाना: तेलंगाना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले अनुबंधित कर्मचारी हाल ही में अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। इन कर्मचारियों ने ₹26,000 न्यूनतम वेतन की माँग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान वेतन उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ है और इस वजह से वे आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधि ने बताया कि अस्पतालों में काम करने के दौरान अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित वेतन वृद्धि और उचित सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इस बीच बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए ₹26,000 न्यूनतम वेतन की मांग न्यायसंगत है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आग्रह किया है कि वे उनकी इस मांग को गंभीरता से लें और तुरंत सकारात्मक कदम उठाएं।
प्रदर्शन सुबह के समय से शुरू होकर दोपहर तक शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। कर्मचारियों ने ट्रैफिक जाम किया और मुख्य सड़कों पर नारेबाजी की जिससे जनता का भी ध्यान इस मुद्दे की ओर गया। कई स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस आंदोलन के बीच बातचीत के लिए कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
सरकारी अधिकारीयों का कहना है कि वे कर्मचारियों की मांगों को सुनने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका तर्क है कि वेतन बढ़ाने के लिए सभी आर्थिक पहलुओं पर विचार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों के आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन इसके लिए सरकार की अनुमति और बजट आवंटन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
विशेषज्ञों ने भी इस मामले पर अपनी राय दी है कि अनुबंधित कर्मचारियों की वेतन सुधार आवश्यक है क्योंकि वे अस्पतालों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में अहम भूमिका निभाते हैं। उनका कहना है कि अगर कर्मचारियों की मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया तो इससे स्वास्थ्य सेवा में व्यवधान की संभावना है।
हैदराबाद में तेलंगाना अस्पताल अनुबंधित कर्मचारी संघ के वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि वे इस आंदोलन को लंबा खींचना नहीं चाहते, बल्कि शांति और संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से उम्मीद जताई कि जल्द से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।
तत्कालीन में, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे जिससे अस्पतालों के कामकाज प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार जारी है।

