सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि भवनपुर क्षेत्र में टीएमसी ने फर्जी मतदान को सुगम बनाने के लिए नकली उंगलियों की खरीदारी की है। उनका दावा है कि इस तरह की योजना के तहत कई मतदान केंद्रों पर असली मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई। इस मामले ने इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर बूथ पर गंभीर नजर रखी जानी चाहिए, लेकिन इस तरह की हरकतें चुनाव प्रक्रिया को भ्रष्ट और अविश्वसनीय बनाती हैं। उन्होंने बताया कि नकली या कृत्रिम उंगलियों का इस्तेमाल करके मतदाताओं की पहचान में धोखाधड़ी की जा रही है, जिससे असली मतदाताओं की आवाज दबाई जा सकती है।
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि भवनपुर में बूथ स्तर पर तैनात अधिकारियों द्वारा कुल 3,810 बूथ स्लिप वितरित की गई थीं, जो बिना डिलीवर हुए वापस भी कर दी गईं। यह मामले की गंभीरता को दर्शाता है कि चुनाव से संबंधित दस्तावेजों और सूचनाओं को लेकर भी अनियमितता हुई है।
भाजपा नेता ने मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित निकायों से इस मामले की कड़ी जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, टीएमसी की ओर से अभी तक इस आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी महौल को प्रभावित करते हैं और जनता के बीच अराजकता फैलाने का प्रयास होते हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है ताकि चुनाव प्रक्रिया में विश्वास कायम रखा जा सके।
चुनाव आयोग के भी इस मामले पर गौर करने और जल्द से जल्द कार्रवाई करने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया आने पर ही स्पष्ट होगा कि इस मुद्दे को किस दिशा में ले जाया जाएगा। फिलहाल, स्थानीय जनता और पूरे राजनीतिक परिदृश्य में इस खबर का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।

