पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर सीट के तहत फलटा क्षेत्र में त्रिनमूल कांग्रेस ने यूपी कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी और प्रशिक्षित डेंटल सर्जन पर स्थानीय लोगों को डराने और धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि इस अधिकारी की गतिविधियों से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
त्रिनमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात इस अधिकारी ने कई मौकों पर स्थानीय निवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकी दी, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कदाचार लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों की राय जानने पर पता चला कि वे भी इस मामले को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों ने कहा कि अधिकारी का आचरण अनुचित और गैर जिम्मेदाराना है, जिसके कारण वोटरों में डर और असमंजस की भावना फैलती जा रही है। इसके अलावा, कुछ लोगों ने बताया कि अधिकारी ने अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर क्षेत्र में अपनी मनमानी करवाई।
चुनाव आयोग के साथ संपर्क करने पर उन्होंने इस मामले की जांच कराने की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थिति यह है कि इस अधिकारी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि होने पर चुनाव आयोग को तुरंत उचित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि चुनावी निष्पक्षता और धोखाधड़ी से बचा जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी घटनाएं निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं और जनता के मन में चुनावों को लेकर अविश्वास पैदा करती हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि आरोपों की गंभीरता को समझते हुए त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करें।
त्रिनमूल कांग्रेस का यह भी कहना है कि वे इस मामले को लेकर सभी कानूनी कदम उठाएंगे और अगर आवश्यक हुआ तो न्यायालय का रुख भी करेंगे ताकि निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का अधिकार सुरक्षित रह सके। वर्तमान में इस विवाद ने पूरा क्षेत्र राजनीतिक रूप से गर्माहट में ला दिया है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज और अधिक सुनाई दे सकती है।

