मध्य प्रदेश में एमएसपी पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले ने सियासी माहौल गर्मा दिया है, जहां कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर किसानों के अधिकारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभी तक 4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और 2 हजार 547 करोड़ रुपये राशि का भुगतान किया गया है, लेकिन इस बीच जो अनियमितताएँ सामने आई हैं, उन्होंने जनजीवन में बहस छेड़ दी है।
खबरों की मानें तो मध्य प्रदेश के प्रमुख दैनिक अखबार दैनिक भास्कर में एमएसपी से जुड़ा एक गंभीर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। कांग्रेस के नेताओं ने इस खबर को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी नेता उमंग सिंघार ने इसे किसानों के हक पर संगठित डाका बताते हुए फर्जी कागज़ी किसानों की शिकायत उठाई है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घोटाले को भ्रष्टाचार बताया और कहा कि यहां अनाज नहीं, भ्रष्टाचार खरीदा जा रहा है।
बिचौलियों को बनाया गया कागज़ी किसान
नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि इस घोटाले में बिचौलियों और दलालों को फर्जी किसानों के नाम पर गेहूं बेचवाया गया है। जमीन किसी और की है, नाम किसी और का, लाभ कोई तीसरा उठा रहा है। असली किसान महनत कर रहा है लेकिन इसका कोई लाभ नहीं पा रहा। सिंघार ने कहा कि यह धोखाधड़ी सीधे किसानों के भले पर कुठाराघात है। उन्होंने सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
धार में खरीद प्रक्रिया ठप, किसानों का हाल बेहाल
सिंघार ने आगे बताया कि धार जिले में खरीद प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था है। वहां 48 घंटे से किसानों को नंबर नहीं मिल रहा, और 300 से ज्यादा ट्रॉलियां कतार में लगी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। भारी गर्मी में किसान अपनी फसल लेकर इंतजार कर रहे हैं जबकि सरकार की ओर से कोई राहत नजर नहीं आ रही। इस असमंजस और भ्रष्टाचार पर उन्होंने कड़ी निंदा व्यक्त की है।
कांग्रेस की कड़ी चेतावनी
जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है और कहा कि जो लोग जमीन भी नहीं रखते, उनके नाम पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कर उन्हें किसान दिखाकर असल किसानों का हक लूटा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कारवाई करने की मांग की है। पटवारी ने कहा कि किसान सदैव इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाएंगे और उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे।
ये खुलासे मध्य प्रदेश के कृषक समुदाय के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि वे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरत रही और बिचौलियों को संरक्षण दे रही है। इस मामले की जांच से ही स्पष्ट होगा कि इस घोटाले के पीछे कौन जिम्मेदार है और किसानों को उनके अधिकार कब लौटेंगे।

