मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ जिसमें एक पिकअप वाहन पलट गया। हादसे में 12 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। यह दुर्घटना चिकलिया के पास स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप करीब 8:30 बजे हुई।
जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में 30 से 35 मजदूर सवार थे, जो क्षमता से अधिक था। अचानक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने का कार्य तेजी से किया।
लापरवाही और अधिभार हादसे का प्रमुख कारण
प्राथमिक जांच में सामने आया कि वाहन में तय से अधिक लोग सवार थे, जो दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में मजदूरों के लिए अक्सर ऐसी पिकअप या मालवाहक वाहनों का प्रयोग होता है जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता है। डॉक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में कई घायलों की हालत गंभीर है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जो इस दुर्घटना की भयावहता को दर्शाता है। अधिकांश घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
बार-बार होने वाले सड़क हादसों के कारण
देश में सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना के कारण हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को ढोने के लिए असुरक्षित पिकअप वाहनों का उपयोग प्रचलित है। यात्री ले जाना मालवाहक वाहनों में निषिद्ध है, फिर भी जागरूकता की कमी और मजबूरी के कारण लोग इस नियम को नजरअंदाज करते हैं। प्रशासन समय-समय पर नियमों को लागू कराने के लिए अभियान चलाता है लेकिन जमीनी स्तर पर इनका सही पालन नहीं हो पाता।
यह हादसा एक बार फिर सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने का सवाल खड़ा करता है। सुरक्षित यात्रा के लिए जनता को नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों की संख्या कम की जा सके।
मोहम्मद अंसार की रिपोर्ट

