भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पीएमजीएसवाई-4 योजना का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वे इस योजना के रजत जयंती समारोह में भी हिस्सा लेंगे, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी, कमलेश पासवान तथा राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल उपस्थित रहेंगे।
पीएमजीएसवाई-4 योजना के तहत कुल 2,117 किलोमीटर लंबी 973 सड़कों के लिए स्वीकृति पत्र और वित्तीय मंजूरी प्रदान की जाएगी। यह परियोजनाएं राज्य की 987 बस्तियों तक सड़कों के माध्यम से बेहतर संपर्क स्थापित कर ग्रामीण विकास को नए आयाम देंगी। कार्यक्रम में पीएम-जनमान योजना के अंतर्गत 384 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क परियोजनाओं की घोषणा भी होगी, जो 168 पिछड़ी बस्तियों के विकास में सहायक होंगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाई को 18,907 करोड़ रुपए का सांकेतिक आवंटन प्रस्तावित है, जिसमें मध्य प्रदेश को 830 करोड़ रुपए का हिस्सा मिलेगा। ग्रामीण सड़कें न केवल परिवहन का माध्यम हैं, बल्कि ये शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और समृद्धि के रास्ते भी खोलती हैं।
शिवराज चौहान के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नई सड़क परियोजनाओं से ग्रामीण संपर्क और जीवन स्तर में सुधार होगा, जिससे लोगों को स्कूल, अस्पताल और बाजारों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी। ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को गति देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगी।
शाम के समय, शिवराज चौहान विदिशा में युवाओं और छात्रों के लिए ‘‘मामा कोचिंग क्लासेस’’ का शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कोचिंग केंद्र में एमपीपीएससी, बैंकिंग, एसएससी, डीआरडीओ और वन सेवा जैसी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मुफ्त कोचिंग, अध्ययन सामग्री और करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
कोचिंग क्लासेस का उद्घाटन इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित ओशो आश्रम में होगा। शिवराज चौहान ने कहा कि यह प्रयास प्रतिभाशाली युवाओं को संसाधनों की कमी के कारण वंचित न रहने देने का माध्यम है और आने वाले समय में रायसेन तथा भेरुंडा में भी समान केंद्र स्थापित करने की योजना है। यह पहल युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान करेगी और उनकी क्षमताओं को विकसित करने में सहायक होगी।

