नेशनल लोक अदालत में हजारों मामलों का सफल समाधान

Rashtrabaan

    कोंडागांव के जिला न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत में एक बड़े पैमाने पर मुकदमों का निराकरण किया गया, जिससे न्याय प्रक्रिया को सरल और शीघ्र बनाने में मदद मिली। इस आयोजन में कुल 12,123 प्रकरणों का समाधान किया गया, जिनमें 4 करोड़ 6 लाख 67 हजार 607 रुपये से अधिक का अवार्ड पारित किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश किरण चतुर्वेदी ने किया, जिन्होंने कहा कि लोक अदालतों का उद्देश्य विवादों को पारंपरिक न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी से बचाकर त्वरित और किफायती समाधान प्रदान करना है। इस बार के आयोजन में कुल आठ खंडपीठ बनाए गए थे, जहाँ विभिन्न प्रकार के मामले जैसे बैंक रिकवरी, आपराधिक, बिजली बिल, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, यातायात चालान, राजस्व, नगरपालिका, दूरसंचार आदि के मामले सुने और निपटाए गए।

    मोटर दुर्घटना दावों में कुल 2 करोड़ 14 लाख 80 हजार रुपये का अवार्ड दिया गया, जो इस श्रेणी में सबसे बड़ा था। बैंक रिकवरी मामलों में 33 लाख से अधिक और बिजली बिल के मामलों में करीब 6 लाख 55 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई। यातायात संबंधी 1566 मामलों का निराकरण करते हुए एक लाख 59 हजार रुपये की राशि वसूली गई। जिला प्रशासन ने इसके साथ ही समझौते से मामले निपटाने वाले पक्षकारों को काजू, जामुन, आंवला और नींबू के पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया।

    कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय की टीम ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उपस्थित लोगों का रक्तचाप और शुगर की जांच की तथा आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। इससे न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ सामाजिक कल्याण में भी योगदान मिला। लोक अदालतों की यह पहल न्यायिक सुधार के क्षेत्र में एक नई मिसाल साबित हुई है, जिससे विवादों के समाधान में तेजी आई है और न्याय सुगमता हुई है। ऐसे आयोजन लोगों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।

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