प्रधानमंत्री सलाहकार पैनल ने लोकसभा को 824 सीटों तक बढ़ाने के लिए ‘लक्षित परिसीमन’ का सुझाव दिया

Rashtrabaan

    देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत बनाने और प्रतिनिधित्व को अधिक न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के सलाहकार पैनल ने लोकसभा की सीटों को 824 तक बढ़ाने के लिए ‘लक्षित परिसीमन’ की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव उन परिसीधाओं के पुनर्गठन पर केंद्रित है जो वर्तमान में अत्यधिक जनसंख्या वाले हैं, ताकि मतदाताओं की पहुंच बेहतर हो सके और मतदान में वृद्धि हो।

    एक अध्ययन के अनुसार, बड़े निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन से न केवल प्रतिनिधित्व में सुधार होगा बल्कि मतदाताओं के लिए मतदान सरल और सुगम होगा। इससे मतदान के प्रतिशत में 2.3 अंक तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस पहल का उद्देश्य व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है जिससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत हो।

    वर्तमान में कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता संख्या अत्यधिक होने के कारण प्रतिनिधित्व समान नहीं होता है। ऐसे क्षेत्र चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले मतदाताओं के लिए बोझ बन सकते हैं, जिससे मतदान में कमी आ सकती है। पैनल की सलाह है कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान इन चुनौतियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए ताकि सभी क्षेत्र समान रूप से मजबूत और सक्रिय लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

    यह प्रस्ताव न केवल लोकतांत्रिक मानकों के अनुरूप है, बल्कि इससे चुनाव आयोग को भी कामकाज में सुधार करने में मदद मिलेगी। साथ ही, छोटे और सुव्यवस्थित निर्वाचन क्षेत्रों की व्यवस्था से संसदीय प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा।

    विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘लक्षित परिसीमन’ से न केवल मतदाता सुविधा में सुधार होगा बल्कि यह चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी बढ़ावा देगा। इसके परिणामस्वरूप चुनाव में जनता की भागीदारी व्यापक स्तर पर बढ़ेगी और वे जनता की आवाज़ को संसद तक बेहतर ढंग से पहुंचा पाएंगे।

    ऐसे में अगर सरकार इस सिफारिश को स्वीकार करती है और लागू करती है, तो यह देश के चुनावी तंत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार सिद्ध होगा। यह बदलाव हमारे लोकतंत्र को और अधिक प्रभावी, समावेशी और उत्तरदायी बनाएगा।

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