प्रभात कलाविदारु का नृत्य-नाटक सिंडरेला 13 जून को बेंगलुरु में प्रस्तुत किया जाएगा

Rashtrabaan

    बेंगलुरु में एक सांस्कृतिक समारोह के तहत प्रसिद्ध नृत्य-नाटक ‘सिंडरेला’ का मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति प्रतिभाशाली समूह प्रभात कलाविदारु द्वारा की जाएगी, जो अपनी जीवंत और मार्मिक प्रस्तुतियों के लिए विख्यात है। ‘सिंडरेला’ का संगीत मूल रूप से मैसूर के महान संगीतकार अनंतस्वामी द्वारा रचित था, जिन्होंने इस कहानी को मधुर और भावपूर्ण संगीत के माध्यम से जीवंत किया।

    हाल ही में, इस संगीत को सुप्रसिद्ध संगीत निर्देशक प्रवीण डी. राव ने पुनर्जीवित किया है। उनकी संगीतात्मक विशेषज्ञता ने इस नाटक को नई ऊर्जा और जीवन दिया है, जिससे यह प्रस्तुतिकरण और भी आकर्षक बन गया है। प्रवीण डी. राव का यह प्रयास न केवल पुराने संगीत को पुनः जीवित करता है, बल्कि उसे वर्तमान पीढ़ी के दर्शकों के लिए भी प्रासंगिक बनाता है।

    प्रभात कलाविदारु की टीम ने इस प्रस्तुति में नृत्य और अभिनय का समन्वय बड़े ही कुशलता से किया है, जिससे कहानी की भावनाएं गहराई से दर्शकों तक पहुंचती हैं। उनकी प्रस्तुति में पारंपरिक और आधुनिक तत्वों का संयोजन देखने को मिलता है, जो दर्शकों के लिए नए अनुभव प्रदान करता है।

    यह प्रस्तुति सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का भी एक प्रयास है। ‘सिंडरेला’ जैसी लोकप्रिय कहानी को नई भाषा, नई धुन और नए अंदाज में पेश करना युवा पीढ़ी को पारंपरिक कला के प्रति जागरूक तथा उत्साहित करने में सहायक होगा।

    प्रभात कलाविदारु की इस नृत्य-नाटक को देखने के लिए कला प्रेमी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह प्रस्तुति न केवल शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण आयोजन होगी, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    इस तरह के प्रयास भारतीय संगीत और नृत्य की समृद्ध विरासत को हम सभी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रभात कलाविदारु का यह नृत्य-नाटक ‘सिंडरेला’ निश्चित ही एक यादगार कला अनुभव साबित होगा।

    Source

    error: Content is protected !!