अभिनेता अविनाश तिवारी, जिन्होंने हाल ही में रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘जिन्नी वेड्स सनी 2’ में माध्यम भूमिका निभाई है, ने अपने व्यक्तिगत जीवन और अरेंज मैरिज के अनुभवों पर खुलकर बातचीत की है। यह फिल्म, जिसमें मेधा शंकर उनकी को-स्टार हैं, पारंपरिक शादी व्यवस्था में फैमिली ड्रामा और हास्य के बीच का एक दिलचस्प चित्र प्रस्तुत करती है।
News18 से बातचीत के दौरान, अविनाश ने बताया कि कैसे उनकी अपनी जिंदगी में भी अरेंज मैरिज की प्रक्रिया रही है। उन्होंने याद किया कि एक बार उनका अरेंज डेट लगभग 3.5 घंटे तक चला था, जिस दौरान परिवार के सदस्य और जानकार शामिल होकर बातचीत करते रहे। इस लंबे अनुभव ने उन्हें शादी के पारंपरिक संस्कारों और परिवार की भूमिका को समझने का एक नया दृष्टिकोण दिया।
अविनाश ने बताया, “अरेंज मैरिज की इन बैठकों में कभी-कभी बहुत मज़ा आता है क्योंकि अलग-अलग विचार और उम्मीदें सामने आती हैं।” उन्होंने यह भी साझा किया कि परिवार का दबाव इन मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर जब विवाह की उम्र करीब आती है। उनका मानना है कि परिवार की भागीदारी से रिश्तों में मजबूती आ सकती है, लेकिन यह जरूरी है कि समझदारी और सहजता भी बनी रहे।
उन्होंने हँसी-मज़ाक में यह भी कहा कि उन्होंने अपने लिए 2026 के अंत तक शादी करने की डेडलाइन तय कर रखी है। यह वक्तव्य दर्शाता है कि वे अपनी व्यक्तिगत पसंद और पारिवारिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
‘जिन्नी वेड्स सनी 2’ जैसी फिल्में वर्तमान समाज में होने वाले अरेंज मैरिज के परिवेश को रियलिस्टिक तरीके से दिखाती हैं, जिसमें प्रेम, समझ और कभी-कभी टकराव भी होते हैं। अविनाश का खुद का अनुभव इस संदर्भ में दर्शकों को और भी प्रभावित करता है क्योंकि वे अपनी भूमिका से अधिक व्यक्तिगत जुड़ाव दिखा पाते हैं।
अविनाश तिवारी की यह बातचीत और उनकी फिल्म की भूमिका दोनों ही दर्शकों को पारंपरिक और आधुनिक शादी के मिश्रण को समझने में मदद करती हैं, और यह दिखाती हैं कि कैसे भारतीय परिवारों में शादी की रस्मों और परंपराओं के बीच व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद का भी सम्मान होना चाहिए।

