ईयू ने ईंधन बाजार पर ईरान युद्ध के प्रभाव को कम करने के उपाय जारी किए

Rashtrabaan

    ब्रुसेल्स, 27 अप्रैल 2024: यूरोपीय आयोग ने हाल ही में “AccelerateEU” नामक एक नई उपाय योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ईरान युद्ध के कारण यूरोपीय ऊर्जा बाजार पर पड़े नकारात्मक प्रभावों को कम करना है। इस कदम के तहत यूरोपीय संघ ने खास तौर पर जेट ईंधन की आपूर्ति और वितरण में सुधार पर जोर दिया है, ताकि आपूर्ति की कमी से बचा जा सके और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    यूरोपीय आयोग ने बताया कि इस योजना में शामिल उपायों का केंद्र जेट ईंधन के बेहतर और अधिक प्रभावी वितरण को सुनिश्चित करना है। वर्तमान में, कई सदस्य देशों के बीच जेट ईंधन की मांग और आपूर्ति में असंतुलन देखने को मिल रहा है, जो एयरलाइन उद्योग सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। आयोग का मानना है कि इन देशों के बीच सहयोग और संसाधनों का साझा उपयोग, संकट की स्थिति में ईंधन की कमी को कम करेगा।

    यह भी उल्लेखनीय है कि ईरान में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसके चलते यूरोपीय संघ ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने के लिए यह विशेष कदम उठाया है। ‘AccelerateEU’ योजना के तहत, ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने की भी योजना है, जिसके जरिए दीर्घकालिक ऊर्जा स्थिरता को सुनिश्चित किया जा सके।

    यूरोपीय आयोग के अधिकारी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि ईंधन की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, जिससे हमारे नागरिकों और व्यवसायों को परेशानी न हो। ‘AccelerateEU’ योजना इसके लिए एक व्यापक रणनीति है।”

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम केवल तत्काल ऊर्जा संकट को कम करने में ही मददगार साबित नहीं होगा, बल्कि यह यूरोपीय संघ को भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति में संभावित संकटों के प्रति तैयार भी करेगा। इसके अतिरिक्त, यह योजना सदस्य देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को भी बढ़ावा देगी।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जेट ईंधन की मांग वर्ष 2023 के मुकाबले इस वर्ष 10 प्रतिशत तक बढ़ी है, जबकि आपूर्ति सीमित हो गई है। इस असंतुलन से एयरलाइन सेवाओं पर दबाव पड़ा है, जिसकी भरपाई के लिए ‘AccelerateEU’ योजना तैयार की गई है।

    इस बीच, यूरोपीय संघ की यह योजना वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने और सदस्य देशों की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। आयोग ने सभी सदस्य देशों से सहयोग की अपील की है ताकि यह योजना सफलतापूर्वक लागू हो सके।

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