गौवंश हत्या के मामले पर 5 आरोपी गिरफ्तार, कार-हथियार जप्त; पुलिस ने निकाला आरोपियों का जुलूस

सिवनी जिले में गौतस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इंडासिवनी पुलिस ने जंगल में मिले गौवंश अवशेषों के मामले का खुलासा करते हुए 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के सख्त निर्देशों पर की गई, जिसने साफ संदेश दे दिया है कि गौवंश के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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    सिवनी, राष्ट्रबाण। इंडासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत भुरकल खापा औद्योगिक क्षेत्र के पास जंगल में गौवंश के अवशेष मिलने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने गौतस्करों एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध ठोस और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा सोनकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस ने विधिसंगत कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5, 9, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया। इसके बाद आरोपियों की पतारसी के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

    जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला, जब एक ग्रे रंग की बलिनो कार को घटना स्थल के आसपास संदिग्ध रूप से आते-जाते देखा गया। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर उक्त वाहन का संबंध मस्सीउजजमा उर्फ भैया पटरी से होना पाया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भैया पटरी को अभिरक्षा में लिया और उससे सघन पूछताछ की। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके अन्य साथियों की पहचान की, जो सिवनी, बोरी और कपुर्दा क्षेत्र के निवासी पाए गए। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने संगठित तरीके से गौवंश वध की पूरी वारदात कबूल कर ली।

    आरोपियों ने बताया कि 19 जनवरी 2026 की रात कपुर्दा निवासी अमित चौरसिया के खेत में बने मकान के पीछे दो गौवंश वध के लिए उपलब्ध कराए गए थे। सभी आरोपियों ने मिलकर गौवंश का वध किया, बड़े-बड़े टुकड़े कर उन्हें बोरियों में भरा और बलिनो कार से भैया पटरी के खेत में ले गए। वहां मांस के छोटे-छोटे टुकड़े किए गए और बाद में गौवंश के अवशेषों को भुरकल खापा औद्योगिक क्षेत्र के पास नाले व जंगल में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बलिनो कार, लकड़ी के कुंदे, लोहे के बका एवं दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जप्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपीगण पूर्व में भी इस प्रकार के आपराधिक कृत्यों में संलिप्त रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई एकल घटना नहीं बल्कि संगठित गौतस्करी का मामला है।

    आरोपियों का पुलिस ने निकाला जुलूस

    पुलिस ने फिरोज खान (45 वर्ष), निवासी शहीद वार्ड घसियारी मोहल्ला, सिवनी। अमित उर्फ अम्मू खान (35 वर्ष), निवासी कपुर्दा, थाना चौरई, जिला छिंदवाड़ा। मस्सीउजजमा उर्फ भैया पटरी (48 वर्ष), निवासी जगदंबा सिटी, सिवनी। मोहसिन उर्फ काला (22 वर्ष), निवासी बोरी, थाना बरघाट, जिला सिवनी। इमरान उर्फ इम्मु (22 वर्ष), निवासी बोरी, थाना बरघाट, जिला सिवनी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने सभी आरोपियों का पैदल जुलूस निकाल कर अपराधियों में कड़ा संदेश दिया है कि अपराध करने वालों का यही अंजाम होगा।

    इनकी रही सराहनीय भूमिका

    इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक चैनसिंह उदके, सहायक उप निरीक्षक संजय बघेल, बालकृष्ण त्रिगाम, प्रधान आरक्षक संजय यादव, आरक्षक नितेश राजपूत, विक्रम देशमुख, कृष्णकुमार भालेकर, अकलेश माहौर, मिथलेश सूर्यवंशी, रवि धुर्वे, सीताराम जावरे, केसरीनंदन ऐडे तथा साइबर सेल से सउनि देवेंद्र जयसवाल एवं आरक्षक अजय बघेल का विशेष योगदान रहा। इंडासिवनी पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में गौतस्करों के बीच हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों पर पुलिस की नजरें पैनी हैं।

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