पीएम मोदी की जापान-चीन यात्रा, बुलेट ट्रेन, AI और SCO समिट पर फोकस

Rahul Maurya

नई दिल्ली, राष्ट्रबाण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो महत्वपूर्ण विदेश यात्राओं के लिए रवाना हो चुके हैं। वह जापान और चीन का दौरा करेंगे, जहाँ भारत-जापान संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर होगा। जापान में 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन और चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में उनकी भागीदारी वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी। इस यात्रा में बुलेट ट्रेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

जापान में भारत की रणनीतिक साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी जापान के टोक्यो में 29 और 30 अगस्त को 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहरा करना है। पिछले एक दशक में भारत और जापान के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस बार बुलेट ट्रेन परियोजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष ध्यान होगा। भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना में जापान की शिनकान्सेन तकनीक का उपयोग हो रहा है, और इस दौरे में इस परियोजना को और गति मिलने की उम्मीद है।

SCO समिट में चीन दौरा

जापान के बाद पीएम मोदी चीन के तियानजिन में SCO समिट में भाग लेंगे। यह समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होगा, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे नेता भी शामिल होंगे। मोदी इस समिट के दौरान शी जिनपिंग और पुतिन के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। भारत SCO का एक सक्रिय सदस्य है और इस मंच पर क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपायों, और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखेगा। पिछले साल भारत की अध्यक्षता में SCO ने स्वास्थ्य, नवाचार, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नई पहल शुरू की थीं।

वैश्विक चुनौतियों पर भारत की भूमिका

मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियाँ सामने हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई आर्थिक नीतियों, खासकर भारत पर लगाए गए टैरिफ, ने वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल मचाई है। इस बीच, भारत अपनी कूटनीतिक रणनीति के तहत जापान और SCO जैसे मंचों पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। जापान के साथ क्वाड (भारत, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया) की भूमिका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग भी चर्चा का हिस्सा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी की जापान और चीन यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति को और सशक्त करेगी। यह दौरा न केवल भारत-जापान संबंधों को नई दिशा देगा, बल्कि SCO जैसे मंचों पर भारत की रचनात्मक भूमिका को भी रेखांकित करेगा। इन बैठकों से क्षेत्रीय शांति और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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