बालाघाट, राष्ट्रबाण। मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य लेकर हर मुहाने पर कार्यवाही कर रही बालाघाट पुलिस ने नक्सलियों का सहयोगी होने के संदेह में ग्राम ठाकुरटोला के एक ग्रामीण को हिरासत में लिया है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है। जब इसकी जानकारी परिजनो को लगी तो युवक के परिजन सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे को आपबीती सुनाई। मामला संज्ञान में आने के बाद पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने परिजनो (मॉ धुरपता बाई, भाई भैंनसिंह धुर्वे, पत्नी कुंतीबाई समेत अन्य परिजन) के साथ संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता ली। जहां उन्होने पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाया और कहा कि पुलिस अब आदिवासीयों के साथ अत्याचार करने पर उतर आई है। ऐसे में नक्सलवाद कभी खत्म नही हो सकता। हम इसकी राष्ट्रपति तक शिकायत करेगें।

दरअसल, गोदरी चौकी पुलिस ने 03 जुलाई को ग्राम ठाकुरटोला निवासी नैनसिंह धुर्वे नाम व्यक्ति को नक्सलियों का सहयोगी होने के संदेह में गिरफ्तार किया और उसके घर में सर्च अभियान चलाकर एक संदेहस्पंद पर्चा भी बरामद की। लेकिन इस पूरे घटनाचक्र को पूर्व सांसद कंकर मुंजारे व नैनसिंह धुर्वे के परिजनो ने एक षड़यंत्र बताया। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे व नैनसिंह के परिजनो में भाई भैनसिंह धुर्वे व मॉ धुरपताबाई धुर्वे ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता लेकर बताया कि नैनसिंह मजदूरी का कार्य करता है और गोदरी चौकी में पदस्थ पुलिस आरक्षक रिंकु राणा उसका खास मित्र है। जो 03 जुलाई को घर आया और नैनसिंह को पार्टी करने के बहाने अपने साथ लेकर गया। जहां उसके साथ पार्टी की और नैनसिंह को शराब भी पिलाई। लेकिन नैंनसिह 03 जुलाई की देर रात तक घर नही लौटा। परिजनो को जब चिंता हुई तो उन्होने नैंनसिंह के मोबाईल पर फोन किया। लेकिन फोन का कोई जवाब नही मिला और बाद में मोबाईल भी बंद आने लगा।
नैनसिंह के भाई भैनसिंह धुर्वे ने बताया कि अगले दिन 04 जुलाई को पुन: गांव के युवक के मोबाईल से फोन लगाया तब भी कोई संपर्क नही हुआ। उसके बाद सीधे नैनसिंह के मित्र पुलिस आरक्षक रिंकु राणा से फोन पर बात की, जहां उसने जानकारी दी कि वे लोग लांजी थाने में है और शाम तक घर आ जायेगें। इसी बीच नैनसिंह के घर पुलिस की फोर्स पहुंच गई और घर में सर्च अभियान शुरू कर दिया। जहां उन्हे कुछ नही मिला। इस पर परिजनो को आभास हुआ कि कुछ तो गड़बड है। वही कुछ समय बाद पुलिस पुन: नैनसिंह के घर पहुंची और परिजनो को घर से बाहर करवाकर घर की तलाशी ली। जहां पुलिस को नैनसिंह के घर से कुछ संदेहस्पद सामान बरामद हुआ, जो नक्सलियों का सहयोगी होने की स्थिति को स्पष्ठ करती है। इस पुरे घटनाचक्र से परिजनो को आभास हुआ कि पुलिस नैनसिहं को जबरन नक्सल केस में फंसा रही है और झूठा मामला दर्ज करके उसे जेल भेज देगी। जिसके बाद परिजन और ग्रामीण 05 जुलाई की दोपहर जिला मुख्यालय पहुंचे और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे से मुलाकात करके पूरी आपबीती सुनाई। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि पुलिस अब आदिवासीयों पर अत्याचार करने पर उतर आई है। ऐसे में नक्सलवाद कभी खत्म नही हो सकता। हम इसकी राष्ट्रपति तक शिकायत करेगें।
इधर, देर शाम उक्त आरोपो के विपरित पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान याने आपरेशन प्रहार से संबंधित कार्यवाही से जुडा प्रेसनोट जारी किया। जिसमें पुलिस ने नैनसिंह के खिलाफ हुई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी। जहां उन्होने नक्सल समर्थन मे कुकर, विस्फोटक बनाने की सामग्री एवं दैनिक वस्तुए उपलब्ध कराने वाले आरोपी नैनसिंह धुर्वे को गिरफ्तार करना बताया। जारी प्रेसनोट में पुलिस के अनुसार विगत दिनों पचामादादर- कटेझिरिया के जंगल मे मुठभेड के बाद से ही बालाघाट पुलिस के द्वारा सर्चिग कार्यवाहियों के अंतर्गत नक्सलियों की तलाश एवं नक्सलियों की मदद कर विधिविरूद्ध क्रियाकलाप मे लिप्त लोगों एवं इस पूरे इकोसिस्टम की जानकारी प्राप्त कर लगातार तस्दीक की जा रही थी। इसी समय ग्राम ठाकुर टोला का रहने वाला नैनसिंह धुर्वे की लगातार नक्सलियों की मदद करने एवं नक्सल विचारधारा का प्रचार प्रसार करने संबंधी विधि-विरूद्ध क्रिया कलापों में शामिल होने की सूचना प्राप्त हो रही थी। जिस पर गुप्त रूप से पैनी निगरानी रखी गयी। इसी बीच पुलिस ने सूचना पर ठाकुरटोला निवासी नैनसिंह धुर्वे से गहन पूछताछ की गई, जिसने नक्सल गतिविधियों मे शामिल होना स्वीकार किया। उसने बताया कि गांव मे पिछले 06 महीनों में करीबन 3 से 4 बार नक्सलियों द्वारा बैठक ली गई। नैनसिंह धुर्वे द्वारा नक्सलियों की मांग पर आई.डी. ब्लास्ट मे उपयोग की जाने वाली कुकर बम बनाने की सामग्री तथा मल्टीमीटर बैटरी, वायर, ब्राउन टेप, ग्रीस, इलेक्ट्रॉनिक टेप, बोल्ट कटर आदि उपलब्ध कराई गई। नैनसिंह धुर्वे के घर की सर्चिग करने पर नक्सली संतू की हस्तलिपि मे एक सूची प्राप्त हुई है जिसमे स्पष्ट रूप से विस्फोट करने की उक्त सामग्री उपलब्ध कराने की बात कही गयी है। अत: ग्राम ठाकुर टोला के नैनसिंह धुर्वे के खिलाफ विधि विरूद्ध क्रियाकलाप की गतिविधि मे संलिप्त होने के पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए है। इसके निवास स्थान से प्राप्त नक्सलियों की हस्तलिपि की पर्ची को विधिवत बीएनएसएस की धारा 105 के तहत विडियो रिकार्ड कर जब्त की गई। नैनसिंह धुर्वे से जब्त मोबाइल फोन का एनालिसिस किया जा रहा है।