भोपाल/हरदा, राष्ट्रबाण। मध्यप्रदेश के हरदा जिले में करणी सेना और राजपूत समाज के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जीतू पटवारी सरकार अब शांतिपूर्ण आंदोलन को भी स्वीकार नहीं कर पा रही है। यह सरकार अब तानाशाह बन चुकी है।
“लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं” – जीतू पटवारी
जीतू पटवारी ने कहा कि “करणी सेना और समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कह रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें लाठी, वाटर कैनन और गिरफ्तारियों से जवाब दिया।” उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, अलोकतांत्रिक और संविधान विरोधी बताया।
महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी हुए बर्बरता का शिकार
इस बर्बरता का शिकार केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और युवा भी हुए। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस द्वारा बल प्रयोग बिना किसी उकसावे के किया गया।
जीतू पटवारी ने की तीन मांगें
दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं संज्ञान लें और पीड़ितों को न्याय दिलाएं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं।
कांग्रेस का रुख: जनता के साथ, अन्याय के खिलाफ
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव संविधान, जन अधिकार और न्यायपूर्ण आंदोलनों के साथ खड़ी रही है और रहेगी। “लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होना चाहिए।”
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