खबर पक्की है! नपा परिषद की बैठक में खुब चलने वाले है जुते, आखिर कौन है? वो जो नेता प्रतिपक्ष के जूते खाएगा

Rashtrabaan

सारनी, राष्ट्रबाण। जिले की सबसे बड़ी और प्रदेश की तीसरी नगर पालिका परिषद सारनी में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है सत्ता के नशे में मदहोश होकर नेताओं के खिलाफ कांग्रेस के पार्षद एवं नगर पालिका परिषद सारनी के प्रतिपक्ष नेता पिटीश नागले का सोशल मीडिया पर खुलेआम जूते से पिटाई करने जैसे शब्द का उपयोग करना निश्चित तौर से नगर पालिका परिषद सारनी के गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि नपा परिषद सारनी की बैठक होनी है और यह बैठक हंगामेदार साबित हो सकती है। श्री नागले के फेसबुक एकाउंट पर एक नेता को जूते मारने का तंज कसने का काम किया जिस पर सारनी के वरिष्ठ पत्रकार विलास चौधरी द्वारा अपने एकाउंट के माध्यम से सोशल मीडिया पर नेता प्रतिपक्ष के “जूता मार ऐलान” के पश्चात लगता है नपा प्रशासन सारनी अगली परिषद बैठक से पुर्व आई एस आई मार्का “हेलमेट”व”जूता प्रूफ जैकेट” खरीदी के टेंडर शीघ्र जारी कर सकता है।ऐसा नेता प्रतिपक्ष के द्वारा किसी नेता को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से कहना उचित नहीं है एक जवाबदार पद पर बैठकर ऐसी अशोभनीय बाते सार्वजनिक रूप से कहना उचित नहीं है।

प्रतिपक्ष नेता पिटीश नागले ने सोशल मीडिया पर खुलेआम लिखी जूते से पिटाई की बात।

हा लेकिन दूसरे पहलू को देखते हुए यह कहना भी उचित नहीं है की नेता प्रतिपक्ष को उस नेता के खिलाफ ऐसा ब्यान नही देना था अगर नेताप्रतिपक्ष और सूत्रो की माने तो वह नेता भी ऐसा विभीषण रूपी जहरीला साप है कि जिन लोगों ने राजनीतिक का पाठ पढ़ाया यह उसे ही डर चुका है। इसके करीबी लोगों का मानना है कि यदि यह अपने आप को भी डंस ले तो वह पानी भी ना मांगे पर हा उसके डसने से आज तक कोई मरा भी नही है। क्योंकि वो साप ही छोटी कद काठी का है। जिसे अजगर की प्रजाति तो कह ही सकते हैं जो बस निगलना जानता है हां पर आज तक वो किसी को निगल भी नहीं पाया है।छोटे से कद पर नगरपालिका का इतना बडा भार पड़ते ही अपने शरीर को उस माहौल में ऐसा ढाल लिया है की नगरपालिका के अधिकारी कर्मचारी भी उसके शिकार करने के बाद पचाने के लिए पडा अजगर जैसा सुस्त शरीर पर चिड़िया भी नहीं रेंगने देते।बताते हैं की राजीव गांधी वार्ड 32 के पार्षद नेताप्रतिपक्ष पिटीश उर्फ आनंद कुमार नागले की जानकारी के बीना इस छोटे से बेडोल शरीर वाले अजगर ने एक ठेकेदार झोड-पटक के नाम के काम का पैसा बिना काम किये निगल लिया अब अगर ऐसे बिना काम के रुपए निकालने वाले लोगों को नेता प्रतिपक्ष जूते मारकर उगलवाता है तो उसमें कोई भी गलत काम नहीं है। और ऐ जुते तो सिर्फ नेताप्रतिपक्ष के अलावा सार्वजनिक रूप से जनता के द्वारा सार्वजनिक स्थल पर मारना चाहिए क्योंकि ऐ पैसा भी तो सार्वजनिक स्थल श्मसान घाट जैसे जगहों का खा रहे हैं जब कुछ नेता श्मशान घाट जैसी जगह का पैसा खा सकते हैं तो इन्हें जुते खाने में कोई शर्म मेहसूस नहीं होनी चाहिए। दुखद पहलू तो यह है कि नगर पालिका अध्यक्ष अपनी आंखों पर धृतराष्ट्र की तरह पट्टी बांधकर नगर पालिका परिषद सारनी को तबाह होता देख रहा है। यह सारनी जैसी नगरपालिका के लिए पहली बार नहीं है यहा पहले भी कई बार यहा के बेसर्म नेता गंदी नाली का पैसा नाले का पैसा संडास का पैसा श्मशानघाट का पैसा खाकर चट कर चुके हैं फिर ऐ तो नेता प्रतिपक्ष का जुता खाने के लिए इनकी जीभ तो लपलपा ही रही होंगी।

बताते हैं की इस अजगर ने छोटा शरीर का फायदा उठाकर ना जाने कितने मासूम लोगों को निगल लिया है कहते हैं जहरीले सांपों का कांटा पानी भी नहीं मांगता पर यह अजगर तो किसी को मांगने का मौका भी नहीं देता सीधा निगल ही जाता है। नेता प्रतिपक्ष आनंद पिंटिश नागले ने राष्ट्रबाण को बताया की अगले परिषद की बैठक मै उस अजगर को सार्वजनिक रूप से जूते मारूंगा फिर चाहे मुझे जेल ही क्यों ना हो जाएं। पर नेता प्रतिपक्ष को कौन बताए की कोई अजगर जुतो से भी आज तक मरा है और फिर यह अजगर तो बंगाल के जंगल से लाकर सारनी के जंगल मे छोडा गया था हा रही बात वो इंसानों के बीच पला बढ़ा पर इंसानों की इंसानियत इस अजगर से जहर ना निकाल पाई। प्रतिपक्ष नेता को तो कोई नई विधा का उपयोग किया जाना चाहिए जिससे अजगर रूपी दानव भी मर जाए और लठ भी ना टूटे इस तरह के नेता की वजह से ही लगातार शहर की राजनीति शर्मशार होते जा रही है।

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