यूपी में बदला विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Rahul Maurya

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मिर्जापुर के विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन करने का फैसला लिया है। यह कदम विंध्यवासिनी मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। 29 अगस्त 2025 को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इसकी मंजूरी दी, और अधिसूचना जारी कर दी गई। स्थानीय लोग और विंध्य पंडा समाज ने इस फैसले का स्वागत किया है।

    प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। केंद्र सरकार, रेलवे बोर्ड, सर्वे ऑफ इंडिया, डाक विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी सूचित कर दिया गया है। प्रयागराज के मुद्रण एवं लेखन सामग्री निदेशालय को उत्तर प्रदेश गजट में अधिसूचना प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है। स्टेशन के साइनबोर्ड, प्लेटफॉर्म और दस्तावेजों पर नया नाम ‘विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन’ लागू हो चुका है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

    विंध्याचल धाम माँ विंध्यवासिनी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जो देशभर में आस्था का प्रमुख केंद्र है। खासकर नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं। स्थानीय लोगों और विधायक रत्नाकर मिश्र ने लंबे समय से स्टेशन का नाम बदलने की मांग की थी, ताकि इसकी धार्मिक पहचान और मजबूत हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल से चर्चा की, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

    विंध्य कॉरिडोर और स्टेशन का विकास

    नाम बदलने के साथ ही विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण भी हो रहा है। विंध्य कॉरिडोर प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है, जिसके तहत मंदिर तक बेहतर पहुँच, भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है। स्टेशन पर वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या को संभाला जा सके। प्रोजेक्ट के पूरा होने पर यात्रियों की सुविधाएँ और बढ़ेंगी।

    अन्य रेलवे स्टेशनों का नाम परिवर्तन

    योगी सरकार ने हाल ही में लखनऊ डिवीजन के आठ अन्य रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदले हैं, जैसे कासिमपुर हॉल्ट को जयस सिटी और निहालगढ़ को महाराजा बिजली पासी रेलवे स्टेशन। यह कदम सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बढ़ावा देने का हिस्सा है।

    विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन का नया नाम क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करेगा। योगी सरकार का यह कदम स्थानीय लोगों की मांग को पूरा करता है और विंध्य कॉरिडोर के साथ तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करेगा।

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