ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी गांव में स्थित फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार रात अचानक भीषण आग ने फैलकर 8 दुकानों को पूरी तरह राख कर दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास का पूरा इलाका धुएं और जलती लकड़ी की गंध से भर गया। स्थानीय लोग दहशत में आ गए और जल्द ही खबर दमकल विभाग तक पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग एक दुकान में लगी और बहुत ही तेजी से आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की वजह से तेज धमाके भी सुनाई दिए, जिन्हें देखकर लोग सहम गए। दमकल विभाग के लगभग 32 गाड़ियां राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और बाजार की भीड़ के कारण आग बुझाने में बहुत मुश्किल आई, लेकिन दमकल कर्मियों ने लगभग 40 मिनट की लगन और मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया।
बिसरख कोतवाली पुलिस ने इलाके को तुरंत खाली कराया और आस-पास के रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। आग बुझाने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर बनाया ताकि दमकल गाड़ियां तेजी से पहुंच सकें। इसके बावजूद, सड़क पर वाहन जाम लग गया और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इस आग में कोई जनहानि नहीं हुई, जो एक बड़ी राहत है। लेकिन 8 दुकानें जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गईं, जिनमें से दो प्लास्टिक की दुकानें भी शामिल थीं।
शाहबेरी का फर्नीचर बाजार लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रहा है। प्राधिकरण ने कई बार यहां कार्रवाई की, परंतु बाजार फिर से अस्थायी रूप में बन जाता है। दुकानों में बिजली के असुरक्षित कनेक्शन और टीन शेड वाली बनी दुकानों के कारण यह क्षेत्र आग लगने के लिए हमेशा जोखिम भरा रहता है।
सीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि शुरुआत में ही आग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, ट्रैफिक और फायर ब्रिगेड ने मिलकर योजना बनाई थी। आग बुझाने में दमकल विभाग की टीम ने पूरे समर्पण के साथ कार्य किया। फिलहाल, ‘कूलिंग-डाउन’ प्रक्रिया जारी है और नुकसान का आकलन कर आगामी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने व्यापक जांच के बाद कारणों का खुलासा करने का वादा किया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

