बूंद बूंद में भविष्य है, आइए जल बचाएं; जल संवर्धन अभियान की गोंगलाई पंचायत से निकली खोंखली तस्वीर

Rashtrabaan

बालाघाट, राष्ट्रबाण। मप्र शासन के निदेशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान का 30 मार्च को आगाज हुआ था, जिसे लेकर कई संरचनाओं पर कार्य किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं की स्वच्छता, नदी की साफ सफाई, गहरीकरण, वाटर हार्वेस्टींग वर्क, जैसे अन्य कई कार्य किया गया। साथ ही प्रदेश में 05 हजार से अधिक जल स्त्रोतो का जिर्णोद्धार तथा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के अंतर्गत खेत तालाब,अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट जैसे लगभग 57207 कार्य किये गये। ऐसे विविध कार्य मप्र के बालाघाट जिले में भी किये गये।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत खंडवा, बालाघाट, रायसेन, उज्जैन, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, राजगढ़, अशोकनगर, बैतूल और मंडला जिले में उत्कृष्ठ कार्य किये गये। जिसके तहत बालाघाट जिला जल संरक्षण कार्यों में प्रदेश के टाप 10 जिलों की सूचि में शामिल रहा। प्रशासनिक आंकडो के अनुसार बालाघाट जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत अच्छा काम हुआ है। इस अभियान में 16 विभागों के साथ ही जन समुदाय को भी शामिल किया गया। इस अभियान में जिले को 3900 खेत तालाब बनाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन जिले में इसके विरूद्ध 4875 खेत-तालाब शुरू कर 125 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। इसी प्रकार कूप रिचार्ज के 1200 के लक्ष्य के विरूद्ध 1400 कूप रिॅचार्ज के काम किये गए है।

अमृत सरोवर निर्माण के 25 के लक्ष्य के विरूद्ध 36 अमृत सरोवर का कार्य किया गया है। इस अभियान में जलदूत के रूप में 4100 स्वयं सेवकों को जोड़़ने का लक्ष्य दिया गया था, इस लक्ष्य के विरूद्ध जिले में 12 हजार जलदूत बनाए गए है। पंरतु बालाघाट जिले में अनेको कार्य ऐसे हुए, जिनकी गुणवत्ता प्रभावशाली नजर नही आती। कई तालाब की मेढ़ कमजोर व खोखली नजर आती है। तालाबो का गहरीकरण कार्य महज खानापूर्ति पूर्वक किया गया। गावं गांव में जो शासकीय भूमि पर मुरूम मलबा माफियाओं द्वारा खोदे गये थे, उसे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किया गया कार्य दर्शाकर भारी भ्रष्टाचार किया गया। शासकीय कूप रिचार्ज पिट का निर्माण भी विभिन्न ग्राम पंचायतो में किया गया, लेकिन उसमें जमकर धांधली की गई। ऐसी तमाम विसंगतियों से जुडी कुछ तस्वीरे भी सामने आई है।

आप प्रकाशित खबर में जो तस्वीरे देख रहे है वह बालाघाट जनपद के गोंगलई पंचायत की है। जहां सरकारी कूप के पास रिचार्ज पीट बनाया गया है। परंतु इसका निर्माण महज एक खानापूर्ति साबित हुआ है। निर्धारित स्टीमेंट के अनुसार मटेरियल का प्रयोग ना होने से रिचार्ज पीट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पहली बारिश में यह स्थिति निर्मित हो गई है कि रिचार्ज पीट की वॉल क्षतिग्रस्त होकर धंस गई है और गंदा पानी सीधे कुंआ में एकत्रित हो रहा है। जिससे कुंए का स्वच्छ जल भी पूरी तरह से दूषित/मटमैला हो गया है, जो पूरे बारिश भर अनुपयोगी ही साबित होगा। स्थानीय वार्डवासियों में पंचायत के इस कृत्य से काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि यह कही ना कही मापदंड के विरूद्ध कार्य हुआ है और इसमें पंचायत के जिम्मेंदारो की घोर लापरवाही है। यदि गुणवत्ता पूर्वक कार्य होता है, यह कार्य जल संरक्षण की दिशा में कारगर साबित होता।

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