MP Weather Update: मध्य प्रदेश में गुरुवार को मौसम ने दोहरा रंग दिखाया। कई जिलों में हल्की से तेज बारिश ने राहत दी, तो कहीं तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। पचमढ़ी में दो इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि गुना में डेढ़ इंच और इंदौर में एक इंच बारिश हुई। भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, बैतूल, टीकमगढ़, और दतिया सहित बारह से अधिक जिलों में मध्यम से तेज बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक मालवा-निमाड़ संभाग में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह क्षेत्र, खासकर इंदौर और उज्जैन, इस मानसून में सबसे कम बारिश का गवाह रहा है। प्रदेश में अब तक औसत से 27 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है, जिसमें पूर्वी मध्य प्रदेश में 33 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा दर्ज हुई है।
भारी बारिश की वजह
मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बुधवार से सक्रिय लो प्रेशर सिस्टम और पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मध्य प्रदेश में बारिश का दौर तेज हुआ है। अगले 48 घंटों में दक्षिणी जिलों में यह सिस्टम भारी बारिश का कारण बन सकता है।
शुक्रवार के लिए नर्मदापुरम, बैतूल, और हरदा में वज्रपात के साथ अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, देवास, शिवपुरी, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, विदिशा, राजगढ़, और सतना जैसे कई अन्य जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।
तापमान का हाल
प्रदेश में गुरुवार को तापमान ने भी लोगों का ध्यान खींचा। खजुराहो में सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जबकि टीकमगढ़ में 34.2, सतना में 33.2, और दमोह व मंडला में 33 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 19 डिग्री दर्ज हुआ, इसके बाद खंडवा और शिवपुरी में 20 डिग्री।
बड़े शहरों में जबलपुर का तापमान 31.5 डिग्री सबसे अधिक रहा, जबकि भोपाल में 31.3, ग्वालियर में 31.1, उज्जैन में 29.5, और इंदौर में 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उमस और बारिश के बीच लोगों को राहत और परेशानी दोनों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि निचले इलाकों में जलभराव से सावधान रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
मालवा-निमाड़ में बारिश की उम्मीद और चुनौतियां
मालवा-निमाड़ संभाग, जिसमें इंदौर, उज्जैन, खंडवा, और बड़वानी जैसे जिले शामिल हैं, इस मानसून में सामान्य से कम बारिश का सामना कर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में भारी बारिश से इन क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात खत्म हो सकते हैं। हालांकि, भारी बारिश से जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन को नालियों की सफाई और बाढ़ प्रबंधन के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वालों के लिए सतर्कता जरूरी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक स्थिति पर नजर रखने की बात कही है।
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