सीपी राधाकृष्णन बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, 152 वोटों से जीता चुनाव

Rahul Maurya

    नई दिल्ली, राष्ट्रबाण: भारत को अपना नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुर्दर्शन रेड्डी को 152 वोटों के बड़े अंतर से हराया।

    राधाकृष्णन को मिले 452 वोट

    चुनाव के नतीजों की घोषणा मंगलवार शाम को संसद भवन में हुई। राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने बताया कि कुल 767 वोट डाले गए, जिनमें 752 मान्य थे और 15 वोट अमान्य करार दिए गए। सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि बी. सुर्दर्शन रेड्डी को 300 वोट ही हासिल हुए। इस जीत में क्रॉस वोटिंग की भी चर्चा रही, क्योंकि विपक्ष ने दावा किया था कि उनके सभी 315 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया, फिर भी रेड्डी को कम वोट मिले।

    कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?

    सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के तिरुपुर से आने वाले एक अनुभवी राजनेता हैं। वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के गवर्नर हैं। इससे पहले वह झारखंड और पुडुचेरी के गवर्नर रह चुके हैं। 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रहे राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी सादगी और जनता से जुड़ाव के कारण उन्हें “कोयंबटूर का वाजपेयी” भी कहा जाता है।

    क्यों हुआ ये चुनाव?

    यह उपराष्ट्रपति चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के जुलाई 2025 में अचानक इस्तीफे के बाद जरूरी हो गया था। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पद छोड़ा था। इस चुनाव में 781 सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा) का इलेक्टोरल कॉलेज था, जिसमें से 98.2% ने वोटिंग की। बीजेडी, बीआरएस और शिरोमणि अकाली दल जैसे कुछ क्षेत्रीय दलों ने इस चुनाव से दूरी बनाए रखी।

    विपक्ष का क्या रहा रुख?

    विपक्षी गठबंधन ने इस चुनाव को “वैचारिक जंग” का नाम दिया था। उनके उम्मीदवार बी. सुर्दर्शन रेड्डी ने मतदान से पहले कहा था कि वह “लोगों की अंतरात्मा को जगाने” की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, एनडीए की संख्याबल की मजबूती और संभावित क्रॉस वोटिंग ने उनकी राह मुश्किल कर दी।

    आगे क्या?

    सीपी राधाकृष्णन अब भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। उनकी शपथ ग्रहण समारोह 12 सितंबर को होने की उम्मीद है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रशासित करेंगी। उनकी जीत को एनडीए के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। राधाकृष्णन ने इस जीत को “भारतीय राष्ट्रवाद और विकसित भारत के सपने” की जीत बताया।

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