जेल की सलाखों के पीछे गूँजी गीता की गूँज; जिला जेल सिवनी के बंदी अशोक चौधरी ने बढ़ाया जिले का मान

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    सिवनी, राष्ट्रबाण। कहते हैं कि ज्ञान और सुधार की कोई सीमा नहीं होती। इसे सच कर दिखाया है जिला जेल सिवनी के बंदी अशोक जगदीश चौधरी ने। जेल की चारदीवारी के भीतर रहते हुए अशोक ने न केवल श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, बल्कि अपनी मेधा के दम पर प्रदेश स्तर पर विजेताओं की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।

    बदलाव की नई इबारत

    जेल विभाग और वीर भारत न्यास के इस अनूठे प्रयास का उद्देश्य बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इस प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर बंदी अशोक चौधरी ने यह संदेश दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी यदि मन में कुछ सीखने की इच्छा हो, तो आध्यात्मिक ज्ञान के प्रकाश से जीवन को बदला जा सकता है।

    भोपाल में होगा भव्य सम्मान

    इस उपलब्धि के लिए अशोक चौधरी के परिजनों को 16 जनवरी 2026 को राजधानी भोपाल के भारत भवन में आयोजित समारोह में बंदी की सहमति से पुरस्कृत किया जाएगा। जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वयं उन्हें पुरस्कार प्रदान करेंगे।

    परिवार बनेगा इस गौरव का साक्षी

    चूंकि अशोक अभी जेल में निरुद्ध हैं, इसलिए जेल मुख्यालय के निर्देशानुसार उनके परिवार के एक सदस्य को इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनने के लिए भोपाल आमंत्रित किया गया है। वे अशोक की ओर से मुख्यमंत्री के हाथों यह सम्मान ग्रहण करेंगे।

    प्रशासन ने जताई ख़ुशी

    जिला जेल सिवनी एवं सर्किल जेल नरसिंहपुर में इस खबर के बाद खुशी का माहौल है। जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य बंदियों को भी मुख्यधारा से जुड़ने और खुद में सुधार करने के लिए प्रेरित करेंगी।

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