लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था, न्याय व्यवस्था और चुनावी माहौल को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम जनता को न्याय मिलना कठिन होता जा रहा है और प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने हाथरस सहित विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भी अन्याय हो रहा है और उनकी आवाज दबाई जा रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि सत्ता से जुड़े लोग सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे आम जनता का विश्वास खत्म हो रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने चुनावी परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए पश्चिम बंगाल की स्थिति का जिक्र किया, जहां भारी सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करती है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी चुनाव के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि लोकतंत्र सशक्त बने।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बदलते राजनीतिक संकेतों को समझते हुए अपनी रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। उन्होंने ‘‘पीडीए’’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई, क्योंकि इन्हीं वर्गों की उपेक्षा से समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
भाजपा की पदयात्राओं को लेकर सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में महिलाओं को उचित जानकारी दिए बिना शामिल किया जाता है, जिससे महिला सम्मान और उनकी भागीदारी पर प्रश्न चिह्न लगते हैं। उन्होंने गाजीपुर, कानपुर, हरदोई और मेरठ में हाल की घटनाओं का उदाहरण देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई। अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होता है, और आने वाले समय में मतदाता इसका जवाब ज़रूर देंगे।
इस प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी ने सरकार की विभिन्न नीतियों पर आपत्ति जताई और सामाजिक न्याय, सुरक्षा तथा प्रशासनिक जवाबदेही के मामले में सुधार की मांग की। अखिलेश यादव की ये टिप्पणियां अगले विधानसभा चुनाव के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत मानी जा रही हैं।

