दिल्ली में वर्तमान में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत सामान्य उपभोक्ता के लिए ₹942 है, जबकि पीएम उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थी उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत ₹642 रखी गई है। हालांकि, देश भर में एलपीजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं की आर्थिक परिस्थितियां प्रभावित हो रही हैं। सरकार ने इस स्थिति के मद्देनजर पीएम उज्ज्वला योजना की सब्सिडी में कटौती की है, जिससे घरेलू सिलेंडर की लागत ₹1,600 से भी ऊपर पहुंच गई है।
पीएम उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन बिताने वाले परिवारों को सस्ता और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराना था। इसके तहत योग्य परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती थी, ताकि वे पारंपरिक ईंधन की जगह स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर सकें। हालाँकि, एलपीजी के दाम बढ़ने के कारण सरकार को सब्सिडी सीमा दोबारा तय करनी पड़ी।
विशेषज्ञों का मानना है कि तिलकराज् की वृद्धि दर और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत में बढ़ोतरी से घरेलू गैस की कीमतों पर असर पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। कई परिवार अब एलपीजी का उपयोग सीमित कर रहे हैं या गैर परंपरागत और कम सुरक्षित ईंधन की ओर लौट रहे हैं।
सरकार का प्रयास है कि सब्सिडी योजना के तहत मदद जारी रखी जाए और अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के प्रचार-प्रसार के लिए नई नीतियां बनाई जा रही हैं। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने ऊर्जा उपयोग का सही प्रबंधन करें और किसी प्रकार के दुरुपयोग से बचें।
एलपीजी सिलेंडरों के दामों में इस तरह की वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और उद्योग दोनों यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि देश में ईंधन की उपलब्धता सुचारू बनी रहे और उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव कम हो। घरेलू गैस की कीमतों और सब्सिडी के बदलावों पर उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी, जिससे वे समय-समय पर सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठा सकें।

