विरार, 24 अप्रैल 2026: विरार के बोलिंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात को警方 ने महज 24 घंटे में सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चोरी का लगभग पूरा माल बरामद किया है।
22 मार्च को बिरादर वेदांत फुल झा अपने परिवार के साथ बिहार के अपने मूल गांव गए थे। परिवार की अनुपस्थिति में 13 अप्रैल को जब वे वापस लौटे तो देखा कि घर का दरवाजा खुला हुआ था, जबकि वे जाते समय उसे अच्छी तरह लॉक कर चुके थे। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था और मुख्य बैडरूम में रखी तिजोरी से लगभग 10 लाख 53 हजार रुपये के आभूषण सहित डेढ़ लाख रुपये नकद चोरी हो चुके थे।
उन्होंने यह घटना बोलिंज पुलिस स्टेशन में शिकायत के रूप में दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक प्रकाश कावले के मार्गदर्शन में डिटेक्शन ब्रांच की टीम ने तुरंत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि वेदांत के 14 वर्षीय बेटे की घर की चाबी गुम हो गई थी, जो कि उसी बिल्डिंग में रहने वाले 17 वर्षीय नाबालिग के हाथ लगी थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नाबालिग अपने परिचितों को चोरी के आभूषण बेचने की कोशिश में है। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में चोरी की घटना कबूल कर ली। इस बयान के आधार पर पुलिस ने 19 वर्षीय भाविन किरण सोलंकी को गिरफ्तार किया। आगे की पूछताछ में लालू देवाभाई भरवाड़ नामक तीसरे आरोपी का पता चला, जिसने चोरी का सामान खरीदा था।
दोनों आरोपियों के कब्जे से सब कुछ बरामद किया गया है जिसमें 7,88,000 रुपये के आभूषण और नकदी शामिल है। सीसीटीवी फुटेज और गुप्त जानकारी से पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इतने कम समय में चोरी के माल का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। आरोपी अपराध स्वीकार कर चुके हैं और चोरी किया गया सामान पुलिस को लौटा दिया है।
डीसीपी सुहास बावचे ने बताया कि गिरफ्तारी किए गए तीन आरोपियों में से एक नाबालिग है, जिसने चोरी के कुछ आभूषण बेचकर मोबाइल, बाइक और महंगे कपड़े खरीदे थे। दोनों मुख्य आरोपी छात्र हैं, जिनमें से एक 11वीं और दूसरा 10वीं कक्षा का छात्र है। नाबालिग की गतिविधियों पर पुलिस की नजर थी, इसी वजह से वह जल्द पकड़ में आ गया।
यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती के साथ-साथ उन छोटी-छोटी लापरवाहियों को भी उजागर करती है, जो भविष्य में बड़े अपराध की वजह बन सकती हैं। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए इस मामले को शीघ्रता से सुलझाकर आम जनता के लिए एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है।

