गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिणिकी भुयां शर्मा द्वारा दर्ज की गई आपराधिक शिकायतों के बाद, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन ने पवन खेरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में खेरा की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
पवन खेरा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी से संबंधित आरोपों पर सार्वजनिक टिप्पणियाँ की थीं, जिसके बाद रिणिकी भुयां शर्मा ने उन पर मानहानि और अन्य आरोप लगाते हुए आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्रकार शुरु हुई यह कार्यवाही भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत गुवाहाटी पुलिस द्वारा जांच का विषय बनी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान खेरा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपों की जांच होना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और संवैधानिक अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूतों की समीक्षा जारी है। गिरफ्तारी या अन्य कदम पुलिस जांच के आधार पर आगे तय किया जाएगा।
पवन खेरा ने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, रिणिकी भुयां शर्मा और उनके समर्थक इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह मामला असम राजनीतिक व सामाजिक परिदृश्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस केस के परिणाम से क्षेत्रीय राजनीति में प्रभाव पड़ेगा।
असम पुलिस और न्यायालय के अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे शांत बने रहें और जांच एवं न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करें। प्रकरण की जांच पूरी न होने तक जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकाले।
इस मामले की आगे की जांच और कोर्ट की अगली कार्रवाई पर लगातार मीडिया की नजर बनी हुई है।

