भीलवाड़ा में गर्मी के इस कठिन दौर में प्यासे राहगीरों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सुखाड़िया सर्किल से सांगानेरी गेट के बीच, वृद्धाश्रम के सामने श्री गणेश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति द्वारा एक अत्यंत जरूरी ‘जल सरिता’ प्याऊ का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह पहल शहर में पानी की कमी और प्यासे लोगों की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखकर की गई है।
स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए यह प्याऊ किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इस मार्ग पर अभी तक पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समिति ने इस समस्या के समाधान के लिए यह मानवतावादी कदम उठाया है, जो न केवल सार्वजनिक सुविधा बढ़ाएगा बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि इंजीनियर अरुण जागेटिया उपस्थित थे, जिन्होंने ‘जल सरिता’ प्याऊ का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि “चिलचिलाती धूप में शीतल जल उपलब्ध कराना मानवता की सर्वोच्च सेवा है।” उन्होंने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए लोगों से अपील की कि इस सेवा का सम्मान करें और इसे संरक्षित रखें।
इस मौके पर समिति के अन्य गणमान्य सदस्य जैसे सुभाष जी, उदयलाल समदानी और घनश्याम डाड भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा में हरिण देवता, सांगीनेरी गेट सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी ऐसी सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल से इलाके में स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी सुधार होगा और विशेष रूप से पैदल चलने वालों को गर्मी में राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने इस कदम को अत्यंत प्रशंसनीय बताया है और आशा व्यक्त की है कि अन्य सामाजिक एवं सरकारी संस्थान भी इस दिशा में काम करेंगे। साथ ही यह प्याऊ सामाजिक एकजुटता और सेवा भाव का प्रतीक भी बना है।
श्री गणेश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति का यह प्रयास न केवल जल संकट के समाधान की तरफ एक ठोस कदम है, बल्कि भीलवाड़ा में सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे कई प्रकल्प शहरवासियों की सहूलियत हेतु कार्यान्वित होंगे और भीलवाड़ा का वातावरण और जीवन स्तर बेहतर बनेगा।

