चित्तौड़गढ़: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मानदेय और पेंशन की मांग

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    चित्तौड़गढ़, राष्ट्रबाण। चित्तौड़गढ़ जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी कई लंबित मांगों के समाधान के लिए जिला कलेक्टर के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महिला बाल विकास मंत्री और मुख्यमंत्री के लिए भी भेजा गया है। इस दौरान आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन की कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।

    यूनियन की जिलाध्यक्ष ममता जोशी ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिसका वे आभार व्यक्त करते हैं। इसके बावजूद, कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब भी अधूरे हैं, जिनके कारण कार्यकर्ताओं को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में इन समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है और त्वरित समाधान की मांग की गई है।

    ज्ञापन में प्रमुख मांगों के अंतर्गत ग्रेच्युटी की कुल राशि एकमुश्त भुगतान करने, सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 वर्ष निर्धारित करने और प्रति माह दस हजार रुपये की पेंशन देने की बात कही गई है। साथ ही बीमा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने, चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार मानदेय जारी करने, तथा स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग भी की गई है।

    कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन कार्य में वृद्धि को देखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले टैबलेट या 5जी मोबाइल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इसके अतिरिक्त योग्यता और अनुभव के आधार पर पदोन्नति देने, जाजम बैठक के बकाया भुगतान को जल्द से जल्द देने और साथिनों को बीमा के दस्तावेज मुहैया कराकर सही लाभ दिलाने की भी मांग उठाई गई।

    ज्ञापन सौंपने के दौरान सागरमल टांक, जोगेन्द्र सिंह होड़ा, सत्यनारायण माली, प्रेमबाबु शर्मा, प्रेमशंकर पाराशर, फिरदोस खान, बृजबाला तिवारी, सुशील मेघवाल, शीला पुरोहित, लीला शर्मा, तारा बाहेती, इन्दुबाला, रेखा, लज्जा श्रीमाली एवं पुष्पा बैरागी सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की यह मांग न केवल उनकी कार्यस्थितियों में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सरकार के समक्ष उनकी कठिनाइयों को भी प्रदर्शित करती है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि उनकी समस्याओं का त्वरित और सही समाधान किया जाए ताकि वे बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें और सामाजिक कार्य में अपनी भूमिका को मजबूती से निभा सकें।

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