लखनऊ। उत्तर प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष अभूतपूर्व परिणाम देखने को मिले हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम एवं उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाओं के परिणाम हाल ही में घोषित किए गए हैं। इन परीक्षाओं में कुल मिलाकर 95 प्रतिशत के करीब छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है, जो प्रदेश में शिक्षा सुधारों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव एवं माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने परिणाम घोषित कर परीक्षार्थियों को बधाई दी। इस वर्ष परीक्षाएं 19 से 28 फरवरी 2026 के बीच प्रदेश के 241 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और विस्तृत प्रबंधन के तहत आयोजित की गईं। परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा 10) में कन्नौज के सुजीत कुमार ने 700 में से 661 अंक (94.43%) प्राप्त करके प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद प्रतापगढ़ की खुशबू सरोज ने 660 अंक (94.29%) और मुलायम सिंह यादव व प्रियंका सरोज ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29%) के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।
उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा 12) परीक्षा में प्रतापगढ़ के रजनीश यादव ने 1400 में से 1251 अंक (89.36%) लेकर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वंशिका श्रीवास्तव 1199 अंक (85.64%) और काजल तथा संस्कृति ने 1196 अंक (85.43%) प्राप्त कर क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए।
पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 16,615 परीक्षा में सम्मिलित हुए और 15,029 छात्र उत्तीर्ण हुए, जिसके कारण कुल सफलता प्रतिशत 95.91 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों की सफलता 95.96 प्रतिशत और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की 94.78 प्रतिशत रही। इस वर्ग में बालिकाओं का प्रदर्शन (96.64%) बालकों (95.68%) से बेहतर रहा।
उत्तर मध्यमा प्रथम के 19,745 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 15,746 परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें से 14,028 सफल घोषित किए गए। यहां कुल सफलता प्रतिशत 94.40 रहा जिसमें संस्थागत परीक्षार्थियों का प्रतिशत 94.45 और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 93.00 रहा। बालिकाओं का प्रदर्शन (94.62%) बालकों (94.33%) से बेहतर रहा।
उत्तर मध्यमा द्वितीय में कुल 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में 13,302 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और 12,306 सफल हुए। इस वर्ग का कुल सफलता प्रतिशत 94.86 रहा। बालिकाओं का प्रतिशत 95.95 रहा, जो बालकों के 94.47 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश के 1,091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों विद्यार्थी इस परीक्षा में सम्मिलित हुए।
परीक्षा के दौरान प्रति दिन उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड की गई, जिससे उत्तरदायित्व और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई, साथ ही राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था थी। जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन निगरानी की गई। मूल्यांकन कार्य 7 से 20 मार्च के बीच 13 केंद्रों पर सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
परीक्षा परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा है, जो योगी सरकार द्वारा लागू पारदर्शी और नकलरहित परीक्षा प्रणाली का स्पष्ट प्रमाण है। इस वर्ष की निगरानी प्रणाली ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया, जिससे अभिभावकों और छात्रों का विश्वास बढ़ा है।
श्रेणीवार देखें तो पूर्व मध्यमा द्वितीय में 14,199 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 816 द्वितीय श्रेणी और 5 तृतीय श्रेणी के विद्यार्थी रहे। उत्तर मध्यमा प्रथम में 5,661 प्रथम श्रेणी, 6,087 द्वितीय श्रेणी और 555 तृतीय श्रेणी के सफल विद्यार्थी बने।
यह परिणाम प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और गुणवत्ता निर्देश का परिचायक हैं। परीक्षार्थियों की इस उत्कृष्ट सफलता से परिवेश में उत्साह एवं शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

