विद्यार्थियों के माध्यम से परिवारों और समाज में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान: सीएम योगी

Rashtrabaan

    गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं को पश्चिम एशिया संघर्ष सहित वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा ऊर्जा संरक्षण के कार्य को राष्ट्रीय दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत को लेकर विद्यार्थियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।

    सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि आज के वैश्विक तनावों के चलते ईंधन एवं आर्थिक संसाधनों की बचत और संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं के शिक्षकों और कर्मचारियों को समय के अनुरूप खुद को अपडेट करने की आवश्यकता बताई, ताकि वे तकनीकी प्रगति और आधुनिक परिवर्तनों को अपनाकर बेहतर समाज सेवा कर सकें। इसके लिए उन्होंने सरकार के कर्मयोगी पोर्टल जैसे एक प्रशिक्षण और अपडेट प्लेटफॉर्म के निर्माण का सुझाव दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्था केवल औपचारिकता से संचालित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य सामाजिक और राष्ट्रीय हित में सकारात्मक बदलाओं का वाहक बनना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक संस्थाध्यक्ष को पूरी टीम के साथ अपने काम को मनोयोग से, समर्पित और लचीलेपन के साथ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, समयपालन और नवाचार के माध्यम से ही किसी संस्था की साख मजबूत होती है।

    सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं की परिसर संस्कृति को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अनुशासन, स्वच्छता, हरियाली एवं सद्भाव की निरंतर निगरानी करने को आवश्यक बताया और कहा कि हर संस्थाध्यक्ष को दिनभर अपने प्रभार के अंतर्गत परिसर की व्यवस्था का अवलोकन करना चाहिए। इस प्रकार परिसर में सकारात्मक माहौल बनाकर अभिभावकों और समुदाय को प्रेरित करना चाहिए।

    उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों से अपेक्षा जताई कि वे स्वच्छता, अनुशासन जैसे विद्यालय प्रभार उत्साहपूर्वक ग्रहण करें तथा संस्थापकों के प्रति सम्मानपूर्वक व्यवहार करें जिससे संस्था और वे स्वयं उन्नत हो सकें। इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन व आध्यात्मिकता बढ़ाने हेतु प्रार्थना सभाओं, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत के आयोजन को अत्यंत आवश्यक बताया।

    सीएम ने पुस्तकालयों के ज्ञानवर्धक एवं रोचक पुस्तकों से सुसज्जित होने पर बल दिया तथा करियर काउंसिलिंग के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के आयोजन का निर्देश दिया। उन्होंने परिषद की संस्थाओं की उपलब्धियों और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच और अधिक विकसित करना होगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को भारतीय ज्ञान परंपरा के सतत विस्तार के लिए प्रेरित किया, जो वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने सभी को जागरूक होकर, समर्पण और अनुशासन के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह कदम न केवल वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता देगा, बल्कि समाज के हर वर्ग में एकजुटता और राष्ट्रीय भावना को भी बढ़ावा देगा।

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