जयपुर के नीमराना में कबाड़ गोदाम में भयानक आग लगने से 7 वर्षीय बच्ची समेत 4 की दर्दनाक मौत

Rashtrabaan

    जयपुर के नीमराना इलाके में एक कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग ने चार लोगों की जान ले ली, जिनमें एक 7 वर्ष की बच्ची भी शामिल है। यह हादसा शनिवार रात को हुआ, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की तीव्रता के कारण एक जोरदार विस्फोट भी हुआ, जिसने दुर्घटना का तांडव और भयानक बना दिया।

    पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने बताया कि चारों मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और पूरे इलाके की गहन छानबीन जारी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

    घटना मोहलाडिया गांव के बिचपुरी रोड पर स्थित उस गोदाम में हुई, जहां खाली इत्र की बोतलों समेत कबाड़ का भारी संग्रह था। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के वक्त कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से चार फंस गए और वे जलकर मारे गए। मृतकों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, डीएनए परीक्षण के लिए नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें तेजी से पास के एक प्लास्टिक ग्रेन्यूल निर्माण इकाई तक फैल गईं। उस स्थान पर हुए विस्फोट के कारण आग और अधिक भयावह हो गई, साथ ही यह विस्फोट इलाके के कई हिस्सों में सुनाई दिया और आसपास के औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों में हड़कंप मच गया।

    श्रमिकों ने बचाव के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन गोदाम के मुख्य गेट के पास लगी ट्रक की आग ने रास्ता बंद कर दिया था जिससे वे बाहर निकल नहीं सके। फंसे मजदूरों ने चारदीवारी को फांदने का प्रयास किया, लेकिन उसकी ऊंचाई के कारण वे सफल नहीं हो पाए।

    घटना की जानकारी मिलने पर नीमराना, घिलोथ और जापानी इलाकों से कई दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दो घंटे से अधिक मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। एसडीआरएफ और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी बचाव और जांच कार्य में सक्रिय रहे। अधिकारियों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी现场 पर पहुंच कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, इस हादसे के समय गोदाम में कई और मजदूर कार्यरत थे, जिनमें से दो अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या और लापता लोगों की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।

    प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गोदाम एवं आसपास के कारखानों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। अभी आग लगने का ठोस कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, जांच जारी है। अधिकारियों ने अपील की है कि पैसों की कमी या लापरवाही से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी मानवीय त्रासदियों से बचा जा सके।

    यह दुर्घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को भी पुनः सामने लाती है, जहां सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य हो जाता है। प्रशासन एवं संबंधित विभाग आग सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की बात कह रहे हैं ताकि फिर कभी ऐसा दुर्दांत हादसा न हो।

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