गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में संरक्षित संत ज़ेवियर के पवित्र अवशेषों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले दक्षिणपंथी वक्ता गौतम खड्ढर का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसने समाज में भारी विवाद और गुस्सा पैदा कर दिया है। इस वीडियो के बाद स्थानीय प्रशासन ने मौके पर तत्काल जांच शुरू कर दी और मामले की गंभीरता को देखते हुए गौतम खड्ढर को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया है।
वायरल वीडियो में गौतम खड्ढर ने संत ज़ेवियर के बारे में अनुचित और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे गोवा की धार्मिक भावना आहत हुई। इसे गंभीर मानते हुए स्थानीय फरियादियों ने शिकायत दर्ज कराई और गोवा सरकार साथ ही केंद्र सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
गोवा के बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में संत ज़ेवियर के पवित्र अवशेष सदियों से श्रद्धालुओं के लिए एक श्रद्धास्थान हैं, जो सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी से समुदाय में आक्रोश और असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
प्रशासन ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा है कि वे किसी भी प्रकार की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य संचार माध्यमों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ऐसे विवादास्पद वीडियो और पोस्टों पर नियंत्रण पाया जा सके।
संत ज़ेवियर एक ऐसा नाम है जो गोवा के इतिहास में गहराई से जुड़ा हुआ है और उनकी धार्मिक विरासत पूरे देश में सम्मान पाती है। इस प्रकार के विवादास्पद बयान न केवल धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता को भी खतरे में डालते हैं।
मामले पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठन भी एकजुट हुए हैं और उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अपील की है। पुलिस और प्रशासन से मांग की गई है कि वे किसी भी तरह की गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी पर तुरंत कार्रवाई करें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न घटें।
गौतम खड्ढर के खिलाफ दर्ज शिकायतों में ऑनलाइन द्वेष फैलाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप शामिल हैं। पुलिस जांच जारी है तथा आगामी दिनों में इस मामले में और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

