मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच इस सप्ताह गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

Rashtrabaan

    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी ने हालात को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, लेकिन अब मौसम विभाग ने इस सप्ताह गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम विश्लेषण के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिससे गर्मी के साथ ही बारिश और तेज हवाएं चलने की सम्भावना है।

    प्रदेश के कई जिलों में 27 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इसमें भोपाल, विदिशा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर कलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

    वहीं, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास में अभी भी गर्मी की तीव्रता बनी हुई है। खासतौर पर खजुराहो और रतलाम में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि भोपाल में अभी तक रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव दर्ज की जा चुकी है।

    गर्मी की इस स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने नर्सरी से कक्षा 8 तक के लिए 30 अप्रैल तक छुट्टियां घोषित कर दी हैं, ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके। इंदौर और उज्जैन में भी रात का तापमान अत्यंत ऊँचा रहने की संभावना है, इसलिए रहने वाले लोग विशेष सतर्क रहें।

    मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की वजह से पूरे प्रदेश में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य मध्य प्रदेश क्षेत्र में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण यह अस्थिरता बनी हुई है।

    इन तूफानी और गरज-चमक वाली बारिश की आशंका को लेकर भोपाल, ग्वालियर और सागर तक मौसम की स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें, बाहर निकलने में सावधानी बरतें और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

    सिंचाई और कृषि के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि दिन के सबसे गर्म समय में उर्वरकों या कीटनाशकों के प्रयोग से बचें, हल्की सिंचाई पर ध्यान दें और पशुओं को साफ पानी एवं छाया उपलब्ध कराएं। इससे कृषि और पशुपालन क्षेत्र को नुकसान से बचाया जा सकेगा।

    अंत में, मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी और बारिश से संबंधित सभी सावधानियों का पालन करें और आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क में रहें। इस मौसम बदलाव के दौरान उचित देखभाल एवं सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।

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