महोबा में सियासी संकट: भाजपा जिलाध्यक्ष पर महिला ने अवैध संबंध बनाने का दबाव देने का गंभीर आरोप

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    महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सियासी तापमान बढ़ गया है, जब एक युवती ने भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा पर अवैध संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है।

    अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि महोबा मुख्यालय के सुभाष नगर क्षेत्र की युवती ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष पर दबाव डालकर अवैध संबंध बनाने का आग्रह करने का आरोप लगाया। युवती का दावा है कि यह दबाव पार्टी संगठन में जिला उपाध्यक्ष के पद पर पदोन्नति के प्रत्युत्तर में दिया गया था। वह पहले पार्टी के मंत्री पद पर कार्यरत रही है। युवती ने बताया कि संगठन विस्तार के दौरान पदोन्नति को लेकर जिलाध्यक्ष से उसका विवाद हुआ था, जिससे उसे न्याय न मिल सका और पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

    अपर पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि युवती ने जिला उपाध्यक्ष जयपाल सिंह और पंकज तिवारी पर भी संगठन में उच्च पद प्राप्त करने के लिए जिलाध्यक्ष की इच्छाओं को पूरा करने के लिए उससे दबाव बनाने और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। युवती के अनुसार, ये दोनों अधिकारी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर उसे अपमानित करते थे और देर रात फोन कर उसे दबाव में रखते थे।

    युवती ने बताया कि रविवार को वह फेसबुक लाइव में जाकर जिलाध्यक्ष की डर्टी डिमांड का खुलासा किया। जिसके बाद आरोपियों ने उसके पति को झूठे मुकदमों में जेल भेजने धमकी दी। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं।

    वहीं, महोबा भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा ने युवती द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनकी मानें तो संगठन विरोधी कार्यों के कारण पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए युवती को पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद युवती की मानसिक स्थिति प्रभावित हुई और उसने यह गंभीर एवं चरित्रहानि करने वाले आरोप लगाए हैं।

    यह मामला न केवल महोबा की सियासत में भूचाल ला सकता है, बल्कि पार्टी के भीतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस जांच के बाद ही सच सामने आएगा कि आरोप-प्रत्यारोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व और पुलिस दोनों ही इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं।

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