तमिलनाडु ने वित्तीय वर्ष 2026 में अपनी अर्थव्यवस्था को तेज़ी से बढ़ाते हुए 10.83% की दो-अंकीय वृद्धि दर हासिल की, जो पिछले वर्ष की 11.19% विकास दर के बाद राज्य की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 7.4% से कहीं अधिक है, जिससे तमिलनाडु ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
उद्योग मंत्री टी आर बी राजा ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्कृष्ट प्रदर्शन राज्य की मजबूत औद्योगिक नींव और नीतिगत समर्थन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सहायक माहौल बनाया है, जिससे निवेश बढ़ा है और रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
तमिलनाडु की इस दो-अंकीय विकास दर ने राज्य की विविध अर्थव्यवस्था की मजबूती को साबित किया है, जिसमें विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख योगदानकर्ता हैं। राज्य में विदेशी निवेश आकर्षण में भी वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, तमिलनाडु के इस निरंतर विकास के पीछे स्थिर नीति, अवसंरचना में सुधार और तकनीकी उन्नयन जैसे कई कारक हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार के विभिन्न कल्याणकारी और कौशल विकास कार्यक्रमों ने भी मजदूर शक्ति की उत्पादकता में वृद्धि की है।
तमिलनाडु की यह उपलब्धि भारत के आर्थिक परिदृश्य में विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह न केवल राज्य के अंदर समृद्धि लाती है बल्कि राष्ट्रीय आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। तमिलनाडु की आर्थिक वृद्धि पूरी देश के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनकर उभरी है।
मंत्री टी आर बी राजा ने कहा, “हमारे प्रयासों से तमिलनाडु ने दो साल लगातार दो अंकीय विकास दर दर्ज की है, जो कि एक बड़ी सफलता है और आगे भी हम इसी गति से विकास को जारी रखने का प्रयास करेंगे।” उन्होंने उद्योगों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे तमिलनाडु को विकास का केंद्र बनाएं और राज्य की प्रगति में अपना योगदान दें।
इस तरह, तमिलनाडु की यह प्रदर्शन न केवल राज्य के आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे देश के लिए विकास के नए मानक स्थापित करता है। आने वाले वर्षों में भी तमिलनाडु की आर्थिक रणनीतियाँ और विकास योजनाएँ ऐसे सकारात्मक परिणामों को बढ़ावा देने में सहायक होंगी।

