रायपुर: छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आगामी बुधवार को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक नवा रायपुर के अटल नगर के महानदी भवन में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। इस बैठक में राज्य सरकार कई संवेदनशील और बड़े कदमों पर विचार-विमर्श कर सकती है, जो छत्तीसगढ़ के विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए निर्णायक होंगी।
बैठक में सबसे प्रमुख विषय 30 अप्रैल को प्रस्तावित विशेष विधानसभा सत्र की तैयारियां होंगी। विभिन्न विभागों से संबंधित प्रस्ताव और रणनीतियां इस सत्र को असरदार बनाने के लिए चर्चा में रहेंगी। साथ ही विपक्ष के संभावित हमलों का सामना करने हेतु सरकार की रणनीति पर भी विस्तार से मंथन हो सकता है। यह विशेष सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है, जिस पर सभी नेताओं की नजरें टिकी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट में विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने पर विचार हो सकता है। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर समर्थन न करने वाले पक्ष के विरुद्ध भी कदम उठाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। यह सत्र महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान को लेकर महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
कैबिनेट बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय भी शामिल होंगे। इनमें संस्थान के रिक्त पदों पर भर्ती, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण प्रक्रिया के लिए टीआई पदों का निर्माण, तथा जनजातीय धार्मिक स्थलों के संग्रहालय में निर्माण एवं प्रदर्शनों के विषयों पर विचार-विमर्श होगा। ये कदम आदिवासी विकास को गति देने के साथ सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा देंगे।
खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों पर भी होगी चर्चा
सरकार की प्राथमिकताओं में किसानों का हित सर्वोपरि है। इसी क्रम में कैबिनेट बैठक में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों का भी गहरा जायजा लिया जाएगा। किसानों को समय पर खाद, बीज और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना इस बैठक के मुख्य एजेंडों में शामिल है। संबंधित विभागों को अधिक सख्ती से निर्देश देने का भी निर्णय लिया जा सकता है ताकि कृषि क्षेत्र में इस बार अच्छी पैदावार सुनिश्चित की जा सके।
समग्र रूप से यह कैबिनेट बैठक छत्तीसगढ़ की आगामी नीतिगत दिशा को स्पष्ट करेगी और विकास की नई राह प्रदर्शित करेगी। सरकार के अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी के अनुसार बैठक में लिए जाने वाले फैसलों से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे और कृषि क्षेत्र को लाभ होगा, तथा विधानसभा के विशेष सत्र को सुचारू और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

