आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़ी चार्जशीट में उनके नाम को फर्जी तरीके से शामिल करने को लेकर दिया गया है। नोटिस में संजय सिंह ने ईडी के निदेशक संजय कुमार मिश्रा और जांच अधिकारी जोगेंद्र का नाम लिया है। सांसद ने अधिकारियों से 48 घंटे के अंदर माफी मांगने की मांग की है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई के लिए भी तैयार रहने की बात कही है।
संजय सिंह ने इस नोटिस में स्पष्ट किया है कि दिल्ली आबकारी मामले की चार्जशीट में उनका नाम गलत और जाली तरीके से डाला गया है। उन्होंने कहा कि मामले में किसी गवाह ने भी उनका नाम नहीं लिया है और यह पूरी कार्रवाई उनके खिलाफ एक षड्यंत्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके खिलाफ न तो कोई गवाह है और न ही कोई ठोस सबूत। इसके बावजूद उनका नाम इस मामले में फंसाने के लिए आरोपपत्र में डाला गया है।
सांसद ने आरोप लगाया कि यह मामला उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और बदनाम करने के मकसद से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र के तहत ईडी ने बिना किसी प्रमाण के उनका नाम अपनी कंप्लेंट में जोड़ कर उनके खिलाफ गलत प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला निराधार, दुर्भावनापूर्ण और गलत सूचना पर आधारित है।
ईडी की तरफ से दिनेश अरोड़ा नामक एक व्यक्ति के कथित बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप भी संजय सिंह ने लगाया है। उनका कहना है कि ईडी ने जानबूझकर उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
दिल्ली आबकारी मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पहले भी आरोप लगाए हैं कि ईडी जांच के दौरान बता-बता कर कुछ मामलों में दबाव बनाकर झूठे बयान लिए जा रहे हैं। उन्होंने ईडी पर राजनीतिक साजिश रचने का भी आरोप लगाया है।
इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी और संजय सिंह की ओर से ईडी की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं और पार्टी इसे उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई मानती है। संजय सिंह की तरफ से साफ तौर पर कहा जा चुका है कि अगर 48 घंटे के अंदर माफी नहीं मिली तो वे कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।

