पश्चिम बंगाल में बीते बुधवार को दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद कई एग्जिट पोल ने बीजेपी को तृणमूल कांग्रेस पर बढ़त दिखाई है, जबकि तमिलनाडु में डीएमके नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के फिर सत्ता में लौटने की संभावना जताई गई है।
जानकारों और विभिन्न सर्वेक्षण संगठनों के अनुसार, असम में भी भारतीय जनता पार्टी के मजबूत प्रदर्शन के संकेत मिल रहे हैं, केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ की वापसी की उम्मीद है, वहीं पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत की संभवाना जाहीर की गई है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सीटों में से किसी पार्टी या गठबंधन के लिए बहुमत पाने के लिए कम से कम 148 सीटें जीतना अनिवार्य है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया था। परंतु इस बार के एग्जिट पोल बताते हैं कि भाजपा इस 15 साल के कार्यकाल को समाप्त करने की राह पर है। चैनक्य स्ट्रैटेजीज़ के मुताबिक भाजपा 150 से 160 सीटों के बीच जीत सकती है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 130 से 140 सीटों के बीच ही सीमित रह सकती है।
तमिलनाडु में एक ही चरण में हुए मतदान के बाद आए एग्जिट पोल डीएमके के सत्ता में लौटने का संकेत दे रहे हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक स्थिरता कायम रखने में सफल रही है। चुनावी रण में डीएमके ने मजबूत पकड़ दिखाई है, और विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में उनकी वापसी लगभग तय है।
असम विधानसभा चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहने की संभावना जताई जा रही है, जहां उन्होंने पिछले चुनावों में अच्छी पकड़ बनाई है। केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ की वापसी की संभावनाएं इसलिए प्रबल हैं क्योंकि उनकी पार्टी की नीतियां और सामाजिक कार्यक्रम वहां के मतदाताओं में लोकप्रिय हैं। वहीं, पुडुचेरी की सत्ता के लिए एनडीए गठबंधन कड़ी चुनौती देने में कामयाब रहा है।
मतदान अप्रैल के पहले और तीसरे सप्ताह में अलग-अलग चरणों में संपन्न हुए जिनके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव नतीजे सभी राज्यों में राजनीतिक ताकतों के समीकरण को प्रभावित करने वाले हैं, खासकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जहां राजनीतिक महत्व अधिक है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि एग्जिट पोल की इन भविष्यवाणियों से चुनावी परिदृश्य में बड़े बदलाव की संभावना दिखती है, और जनता द्वारा दी गई मंशा साफ दिखती है। परंतु अंतिम नतीजे घोषित होने तक सभी पक्षों को संयम बरतने और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी गई है।

