UP Weather: पूरे हफ्ते बादलों का कब्जा, 7 मई तक बारिश और आंधी, ओलों की संभावना के बीच जारी अलर्ट

Rashtrabaan

    उत्तर प्रदेश में लगातार मौसम बदलते हुए नजर आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में 7 मई तक बादल छाए रहेंगे और बारिश का दौर जारी रहेगा। शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि पश्चिमी यूपी में मौसम सामान्य तौर पर साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।

    गुरुवार को यूपी के अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर, फर्रुखाबाद, पीलीभीत, गोंडा, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, ललितपुर, आगरा, मथुरा, बलिया और गाजीपुर समेत करीब दो दर्जन जिलों में बारिश हुई। इस दौरान उरई में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। इसके अलावा झांसी में 40.5 डिग्री व आगरा में 39.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो हरदोई में 17 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज हुआ। बीती बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है जो किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 3 मई से 7 मई के बीच पश्चिमी यूपी में गरज चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। पूर्वी यूपी के अधिकांश हिस्सों में 1 से 7 मई तक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश होगी। साथ ही तेज हवा के झोंके 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकते हैं। कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। 4 मई को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश की गतिविधियाँ और तेज हो सकती हैं।

    शुक्रवार को उत्तर प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा?

    • नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर में तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
    • बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, अंबेडकर नगर, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती और बहराइच में कहीं-कहीं बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
    • डुमरियागंज, बस्ती, देवरिया, हररिया, बलरामपुर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने को कहा है और सभी आवश्यक पूर्व तैयारी करने की सलाह दी है ताकि बारिश और तेज हवा से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके। किसानों को भी अपने खेतों और फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया गया है।

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