मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे को गंभीरता से लेते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उन्होंने राहत और बचाव कार्य में शामिल सभी रेस्क्यू टीम के सदस्यों को 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने की घोषणा की है। इस सम्मान के माध्यम से उन बहादुर रेस्क्यू कर्मियों को सम्मान दिया जाएगा, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार हरसंभव मदद के लिए प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने परिवारों के समक्ष संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुखद स्थिति में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बरगी डैम हादसे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच कमिटी गठित करने का निर्देश दिया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि यह दुर्घटना संभवतः चक्रवातीय और खराब मौसम की वजह से हुई है, लेकिन सटीक घटनाक्रम जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में जीवन की कीमत अतिव्यापक रूप से बढ़ी है, अतः दोषियों को गंभीरतम दंड दिया जाएगा।
रेस्क्यू टीम के सदस्यों को मिलेगा सम्मान
सीएम ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे सभी रेस्क्यू कर्मियों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि उनकी निडरता और कर्मठता की वजह से कई लोगों की जान बचाई जा सकी। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों ने 29 लोगों को सुरक्षित निकाला और उनकी कारगर मदद से बचाव अभियान सफल हुआ। इसे देखते हुए 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में इन सभी कर्मियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था, जिसने प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों तक सहायता पहुँचाई। इस कार्य में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने भी सक्रिय समर्थन दिया। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया है कि राज्य के सभी नागरिक राहत कार्यों में सहयोग करें।
वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर निरीक्षण
सरकार ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को स्थल पर भेजा था। इनमें धर्मेंद्र सिंह लोधी, राकेश सिंह और संजय दुबे जैसे वरिष्ठ मंत्री व प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। इन अधिकारियों का काम राहत कार्यों की निगरानी के साथ साथ प्रभावित परिवारों से संपर्क स्थापित करना एवं सहायता सुनिश्चित करना था। प्रशासन क्षेत्र में सभी संसाधनों का कुशल प्रबंधन कर रहा है ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द पुनर्वास व राहत मिले।
यह हादसा प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, लेकिन सरकारी प्रयास निरंतर जारी हैं ताकि नुकसान की भरपाई हो सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।

