कोलकाता के केंद्रीय व्यापार जिले में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3 मई से 1 जुलाई 2026 तक, या अगली सूचना तक, 60 दिनों का प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है। इस आदेश के तहत, क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि, भीड़-भाड़, या सार्वजनिक समारोहों पर पाबंदी रहेगी। अधिकारियों ने इस कदम को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है।
कोलकाता पुलिस और अन्य संबंधित विभाग इस अवधि में सख्ती से नियमों का पालन कराएंगे। प्रतिबंध के दौरान किसी भी सार्वजनिक आयोजन के लिए अनुमति आवश्यक होगी, और बिना अनुमति कोई भी सभा या जुलूस आयोजित नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि शहर में शांति बनी रहे और आम जनता का हित सुरक्षित रहें।
यह आदेश शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थलों को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है, जहां पिछले कुछ समय में सामाजिक तनाव या अनियमित घटनाएं देखने को मिली थीं। सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान अतिरिक्त सतर्क रहेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
स्थानीय व्यापार संघों और नागरिक संगठनों से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस आदेश का पालन कराएं और लोगों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि व्यवसायिक गतिविधियां समुचित और सुरक्षित वातावरण में संचालित हों।
साथ ही, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए, नियमों का पालन करते हुए हर व्यक्ति को अपने रोजमर्रा के कार्यों में सावधानी बरतनी होगी।
इस प्रकार, कोलकाता के केंद्रीय व्यापार क्षेत्र में लागू इस 60-दिन के प्रतिबंधात्मक आदेश से शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और सामाजिक शांति बनी रहेगी। नागरिकों से आग्रह है कि वे सलाहों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए रखें।

