लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों आउटसोर्स एवं अंशकालिक श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। यह जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित “श्रमिक संवाद” में साझा की।
असीम अरुण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रमिकों के साथ-साथ राज्य के हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में श्रमिक वर्ग का योगदान अतुलनीय है, और आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक विकास को भी सुनिश्चित किया जाएगा। श्री अरुण ने बताया कि सरकार ने नए लेबर कोड्स और “आउटसोर्स सेवा निगम” की स्थापना के माध्यम से काम के घंटे, वेतन भुगतान तथा छुट्टियों को पारदर्शी और अनिवार्य बना दिया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब श्रमिकों का शोषण संभव नहीं रहेगा क्योंकि उनके अधिकारों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को आईडी कार्ड दें और बेहतर प्रदर्शन वाले कर्मियों को वार्षिक प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार प्रदान करें। वह सभी से अपील की कि श्रमिकों के हितों के लिए श्रम कानूनों का कठोर पालन सुनिश्चित किया जाए।
असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार का मुख्य लक्ष्य है “अंत्योदय”। आउटसोर्सिंग कर्मचारी हमारी व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें समाज में सम्मान, सुरक्षा एवं बेहतर सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है। वर्तमान सुधार श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके श्रम का सम्मान करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री संजीव कुमार गोंड ने भी श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार समय पर श्रम कार्ड, वेतन वृद्धि जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि 18 जिलों में अटल आवासीय विद्यालय बनाये गए हैं, जिनमें हजारों श्रमिकों के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पा रहे हैं।
यूपी सिडको के चेयरमैन वाईपी सिंह ने कहा कि योगी सरकार में श्रमिक वर्ग को हर दिन सम्मान मिलेगा और उनका भविष्य पहले से ज्यादा उज्जवल होगा। समारोह में श्रमिक और आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी मंच से अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। साथ ही, चार नए श्रम कानूनों की जानकारी दी गई, जिनमें कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक कल्याण के लिए छुट्टियों के नियमों में व्यापक सुधार शामिल है।
सरकार ने भारत सरकार के नए लेबर कोड्स के अनुरूप वेतन संरचना विकसित कर 1 अप्रैल 2026 से लागू किया है। इस नयी व्यवस्था के तहत “आउटसोर्स सेवा निगम” बिचौलियों के शोषण को समाप्त कर रहा है। न्यूनतम मजदूरी की नई दरें तय की गई हैं, जो अकुशल श्रमिकों के लिए 11,000 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 13,500 रुपये से शुरू होती हैं। यह पहल श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक हितों को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम है।

