पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में हाल ही में मतदान पूरा हो चुका है, जहां कुल मतों की संख्या और वैध मतों के आंकड़े जारी किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6,38,42,843 मत डाले गए, जिनमें से 6,32,58,138 मत वैध माने गए। यहाँ मतदान की प्रक्रिया सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न हुई है।
असम में कुल मतदान संख्या 2,16,84,656 थी, जबकि वैध मत इसकी तुलना में 2,13,97,936 रहे। असम में मतदाता turnout की अच्छी भागीदारी देखी गई, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की।
तमिलनाडु में भी मतदान का रिकॉर्ड उल्लेखनीय रहा, जहां कुल 4,93,89,958 वोट डाले गए थे। उनमें से 4,91,24,329 वोट वैध घोषित किए गए। इस प्रकार के आंकड़े तमिलनाडु की राजनीतिक सक्रियता को दर्शाते हैं, जहां मतदाता बड़ी संख्या में अपने मत देकर चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाते हैं।
केरल में कुल मतदाता संख्या 2,16,30,208 थी, जिनमें से 2,14,71,988 वैध मतदान रहे। यह आंकड़ा इस राज्य के मतदाताओं की जागरूकता और उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रमाणित करता है।
ये आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि चुनाव आयोग द्वारा पेश किए गए मतपत्र और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से संपन्न हुई। सभी चारों राज्यों में मतदाताओं ने बड़े उत्साह के साथ मतदान किया, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का संकेत है। चुनाव आयोग की निगरानी में चुनाव शांतिपूर्ण किए गए, और आकड़ों के अनुसार वैध मतदान की संख्या भी उल्लेखनीय रही है। यह पूरी प्रक्रिया देश की लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप है, जो प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों का सम्मान करती है।

