भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के प्रति सरकार की कठोर प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी। कृषि उपज की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री लगातार नजर रखे हुए हैं। वर्तमान में राज्य में गेहूं की खरीद जारी है और किसानों को उनकी फसल के उचित मूल्य दिलाने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “किसानों की उपज का एक-एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों को समय पर भुगतान करना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां इस बात का पूरा ध्यान रखें कि किसानों के भुगतान में कोई विलंब न हो। खरीदी गई फसल का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
इसी क्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भोपाल से सागर जाने के दौरान रायसेन जिले के सेहतगंज उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तुलाई, गेहूं की खरीदी और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री ने गेहूं के बोरे का वजन कराया और उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को ऑटो कनेक्टिविटी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री राजपूत ने तुलाई प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं करने की बात कही और संबंधित कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान कार्य में कुछ शिथिलता पाई गई तो उन्होंने सर्वे कर्मचारियों वसुंधरा गौर और शिवराज लोधी को कड़ी फटकार लगाई और सुधार का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों से भी बातचीत की। रंगपुर के किसान किशन गोपी और कैलाश यादव ने बताया कि उपार्जन प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा और तुलाई भी समय पर हो रही है। वे उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं से संतुष्ट थे।
मंत्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और गेहूं उपार्जन तथा तुलाई का कार्य अनुशासित और सुचारू रूप से संपन्न हो। उन्होंने पुनः दोहराया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा में पूरी तत्परता का प्रदर्शन किया है।

